सीबीआई मामले में भी इसी तरह की एक अर्जी पर 22 दिसंबर को सुनवाई होगी।स्पेशल जज संजय जिंदल ने सेक्शन 436A सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि वह किसी अन्य मामले में हिरासत में नहीं है, तो क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को रिहा कर दिया जाए। उल्लेख है कि बैल कंडीशंस और अन्य प्रक्रियाओं पर सुनवाई के बाद वह कोर्ट से बाहर निकले।जेम्स ने इस आधार पर रिहाई की मांग की थी कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत की अधिकतम अवधि (7 साल) पूरी कर ली है।
उन्हें सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट से और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। अदालतों ने हर मामले में पांच लाख रुपये का जमानत बांड जमा करने तथा पासपोर्ट सरेंडर करने की शर्तें लगाई थीं। हालांकि, उन्होंने अभी तक जमानत बांड जमा नहीं किया है और हिरासत के दौरान उनका पासपोर्ट एक्सपायर हो गया था।
क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को चार दिसंबर 2018 को दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। भारत आने के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया और फिर 22 दिसंबर 2018 को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। यह मामला वीवीआईपी के लिए 3,600 करोड़ रुपये की अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील से जुड़ा है।
आरोप है कि सप्लायर को बोली जीताने के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ान ऊंचाई की शर्त को कम किया गया था। इस डील में लगभग 200 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी इस मामले में आरोपी हैं। सीबीआई ने 2013 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, जबकि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।