अब ईवी की क्वालिटी पर ज्यादा फोकस
गाजियाबाद ट्रॉनिका सिटी की साहनी आनंद वंदे भारत के डायरेक्टर बलविंदर साहनी ने बताया कि वे ई-रिक्शा में टाटा और जिंदल का आयरन-स्टील, एमआरएफ और सीएट के टायर और सीवाई गोल्ड के मोटर कंट्रोलर लगा रहे हैं। यह एक चार्ज में औसतन 100 किलोमीटर तक चलेंगे। बाजार में बने रहने के लिए वे गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे। कंपनी ई-रिक्शा चालकों की बहन-बेटी की शादी के लिए 31 हजार रुपये की मदद भी दे रही, बशर्ते रजिस्ट्रेशन के एक साल के भीतर घऱ में विवाह हो। अभी तक 300 से ज्यादा लोगों को मदद मिली है।
बड़ी कंपनियों का फोकस एल-5 ईवी पर
एक्सपो में ग्राहकों को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी दी जा रही है। बैटरी सुरक्षा, इसके गर्म होने पर सावधानी बरतने को कहा गया है। ईस्टमैन ऑटो पावर के सुरेश सैनी ने बताया कि एल-5 यूजर फ्रेंडली है। लिथियम स्मार्ट बैटरी अगर 60 डिग्री से ज्यादा गर्म हो तो ऑटोमैटिक कट हो जाती है, जिससे हादसे का खतरा कम रहता है। सरकार ने एल-5 को पैन इंडिया अप्रूवल दे रखा है। सीनियर मैनेजर जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि एल-5 ईवी अधिक कमाई का जरिया होगी। बड़ी कंपनियां अब एल-5 ईवी पर ही फोकस कर रही हैं।
आसान फाइनेंस कराने के लिए अलग टीम
एक्सपो में ईएमएफएआई सस्टेनेबल मोबिलिटी समिट भी चल रही, जिसमें व्यावसायिक ईवी के आसान फाइनेंस पर भी चर्चा चल रही। इसके अध्यक्ष समीर अग्रवाल ने बताया कि करीब 5 लाख से ज्यादा ईवी फाइनेंस हुए है। ई-रिक्शा चलाने वाले अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे में ईएमएफएआई अपने 35 सदस्यों के जरिए फाइनेंस कराने में मदद करता है।