आम आदमी पार्टी ने दिल्ली डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में घोटाले को लेकर एक बार फिर वित्तमंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है।
ट्वेंटी फर्स्ट सेंचूरी कंपनी के लोकेश शर्मा की ओर से मिले लीगल नोटिस के बाद आप नेताओं ने जेटली से फिर पांच सवाल पूछे हैं। आप नेता संजय सिंह और आशुतोष ने आरोप लगाया है कि जेटली जिस वर्ल्ड क्लास स्टेडियम बनाने की बात कर रहे हैं।
उसे एक अगरबत्ती बनाने वाले शख्स ने बनाया है। क्योंकि जिस कंपनी को पेमेंट हुई है उसमें यह अगरबत्ती बेचने वाला निदेशक पद पर है।
आप नेता संजय सिंह ने बताया कि स्टेडियम को बनाने के लिए जिन तीन कंपनियों स्ट्रीम मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, अल्टीमेट आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और एडवेंट ट्रेडिंग प्राइवेट कंपनी को पेमेंट किया गया है वह एक ही पते जो कि दिल्ली उत्तर पूर्वी जिला के घोंडा एरिया में रजिस्टर्ड है।
'जेटली चमचों से सफाई दिला रहे हैं'
यहां पर एक में डेयरी, गारमेंट शॉप और मेडिकल स्टोर चलता है। इन कंपनियों के निदेशक नरेशचंद्र शर्मा जो इस कंपनी के बारे में जानते तक नहीं हैं। वह असल में अगरबत्ती बेचते हैं।
वह आजतक स्टेडियम भी नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के लोग समझते हैं कि हम कांग्रेस की तरह मिलजुल कर जनता का पैसा उड़ाते रहेंगे तो यह ख्याल मन से निकाल दे। आम आदमी पार्टी उनसे किसी स्तर पर समझौता नहीं करेगी।
आशुतोष ने कहा कि अरुण जेटली खुद सामने आकर जवाब देने के बजाए अपने चमचों से कहलवा रहे है। यही वजह है कि लोकेश शर्मा ने हमें लीगल नोटिस भेजा है।
मगर ऐसे नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। हम इसका कानूनी जवाब देंगे। इस नोटिस से पता चलता है कि अरुण जेटली बौखलाए हुए हैं। अगर ऐसा नहीं है तो वह सामने आए और अपने बचाव में जवाब दें।
'छह साल में जेटली की संपत्ति कैसे बढ़ी?'
आशुतोष ने जेटली से पांच सवाल भी पूछे हैं। जिसमें उनका पहला सवाल है कि वह लोकेश शर्मा को कब से जानते हैं। दूसरा लोकेश शर्मा उनके पारिवारिक मित्र हैं या व्यवसायिक दोस्त।
तीसरा जेटली जी यह बताएं कि क्या उनके परिवार का कोई सदस्य लोकेश शर्मा की कंपनी ट्वेंटी फर्स्ट सेंचूरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में किसी पद पर रहा है। चौथा यह कि जेटली के परिवार का कोई सदस्य कंपनी में किसी भी तरह से जुड़ा रहा है।
यही नहीं आप ने जेटली से उनके छह साल में उनकी संपत्ति कैसे 600 फीसदी बढ़ गई। 2006 में उनकी संपत्ति 23.86 करोड़ थी जबकि 2012 में यह 120 करोड़ हो गई। आप ने उनसे पैसे बढ़ने के पीछे का बिजनेस मॉडल को भी पूछा है।