लोगों की समस्या निपटाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम विंडो खोलकर वाहवाही तो लूट ली लेकिन अब इसके कुछ कारनामे मजाक बन रहे हैं। क्योंकि यहां दी जाने वाली शिकायत उसी को जांच के लिए भेज दी गई, जिसके खिलाफ अर्जी लगाई गई थी।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-55 ने शिकायत दी थी कि सेक्टर से सटे स्थित मौर्या फैक्टरी में नियम के विरुद्ध मोबाइल टावर लगाने का काम चल रहा है। एसोसिएशन ने महासचिव नरेंद्र कुमार ने टेलीफोन रेगुलेटरी ऑफ इंडिया (ट्राई) के नियम का हवाला देते हुए पुलिस को शिकायत दी कि कोई भी मोबाइल टावर रिहायशी क्षेत्र के 100 मीटर एरिया में नहीं लगाया जा सकता।
ऐसे में टावर लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर पुलिस ने कोई भी मदद करने से इंकार कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त, निगमायुक्त और सीएम विंडो में की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
उल्टे विंडो में की गई शिकायत उन्हीं पुलिस और निगम अधिकारियों के पास भेज दी गई जिनकी शिकायत उन्होंने सीएम विंडो में की थी।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या जांच करने वाले पुलिस और निगम अधिकारी अपने खिलाफ दी गई शिकायत को सही ठहराएंगे। शिकायतकर्ता ने सीएम विंडो में रिमांइडर भेजकर उन पुलिस और निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जिन्होंने शिकायत देने के बाद भी मोबाइल टावर को नियम विरुद्ध लगने दिया।