‘मुझे अब भी याद हैं वह दिन, मेरी शादी को तीन दिन बचे थे कि तभी इकलौता भाई विकास (11) गायब हो गया। शादी की बहुत सी रस्में बिना भाई के ही हुई। पापा बेहोश हो गए थे। भैयादूज पर भाई का मिलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गिफ्ट है। ऑपरेशन स्माइल टीम का शुक्रिया।’
यह कहना है विकास की बड़ी बहन पूनम का, जिसने एसपी सिटी कार्यालय में भाई विकास का टीका कर भैयादूज मनाया। पूनम के पिता चोखेलाल रिक्शा चालक हैं, पत्नी और बेटी रानी के साथ कालिंदी कुंज दिल्ली में रहते हैं।
चोखेलाल ने बताया कि बेटी की शादी खुर्जा में थी। वहीं से विकास गायब हो गया था। विकास का दावा है कि उसे कार सवार युवक अगवा कर ले गया था, इसके बाद दिल्ली में फेंक दिया था।
इस दौरान किसी ने उसे शेल्टर होम में पहुंचा दिया। शेल्टर होम वालों को घर का पता कई बार बताया, लेकिन उन्होंने मुझे घर नहीं पहुंचाया।
शेल्टर होम में झाड़ू-पोंछा लगवाते थे। नोडल अफसर ने बताया कि ऑपरेशन स्माइल की टीम ने बच्चे से पूछताछ की और परिजनों को जानकारी दी।
निशा ने समीर का किया टीका
बुलंदशहर के बराली निवासी समीना विधवा हैं, आसिफ, निशा और समीर उनके बच्चे हैं। समीर (12) दो माह पहले गायब हो गया था, मां उस वक्त ड्यूटी पर गई थी।
बुलंदशहर में गुमशुदगी दर्ज थी, लेकिन पुलिस उसे बरामद नहीं कर सकी। शुक्रवार को ऑपरेशन स्माइल टीम ने समीर को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया।
18 बिछुड़े बच्चों को परिजनों से मिलवाया
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने दिवाली पर ऑपरेशन स्माइल (स्पेशल) अभियान चलाया। एसपी सिटी डॉ. अजय पाल शर्मा को नोडल अफसर बनाया गया।
ऑपरेशन स्माइल की टीम ने 18 बच्चों को दिल्ली से बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। बरामद बच्चे नोएडा, गाजियाबाद, कुशीनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, बिहार, राजस्थान और जालौन के रहने वाले हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि बरामद बच्चों में दादरी का अजय, बिहार का मुन्ना, कुशीनगर का जितेंद्र, सहारनपुर का शादाब, अलीगढ़ का सोहनलाल, जालौन का भरत, राजस्थान की प्रेरणा, बुलंदशहर का समीर, लोनी का जाकिर और कालिंदी कुंज का विकास है।
ज्यादातर बच्चे दिल्ली में अलग-अलग शेल्टर होम में थे। सभी बच्चे पांच से 15 साल उम्र के हैं। 10 नवंबर से 13 नवंबर तक ऑपरेशन स्माइल चला।