शिवगंगा एक्सप्रेस में बम की सूचना पहले मिलने के बावजूद दिल्ली और गाजियाबाद में ट्रेन को नहीं रोका गया। पुलिस सूत्रों का कहना कि दिल्ली में 6:37 पर ट्रेन में आतंकी और बम की सूचना मिल गई थी। इसके बावजूद 7 बजे दिल्ली और 7:30 बजे गाजियाबाद से ट्रेन को बिना जांच के रवाना करके यात्रियों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से वाराणसी जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस में चार आतंकी होने और ट्रेन में बम रखने की सूचना की कॉल 6:37 बजे स्टेशन मास्टर के पास आ गई थी। इसके बाद आलाकमान को सूचना दी गई, लेकिन ट्रेन को दिल्ली से रवाना कर दिया गया।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर भी दो मिनट रुककर करीब 7:30 बजे ट्रेन आगे रवाना कर दी गई। यहां से ट्रेन को दनकौर स्टेशन 8:05 पर रोका गया। यहां पर भी जांच एजेंसियों ने ढिलाई बरती और करीब 9:30 बजे पुलिस और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद ट्रेन को खाली कराकर जांच की गई और 11:35 पर ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
दिल्ली में आलाकमान को बम की सूचना मिलने के बाद यूपी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। दनकौर स्टेशन पर ट्रेन रोकने के बाद फोर्स को ट्रेन तक पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया। इतनी देर में यदि आतंकवादी होते या फिर ट्रेन में बम होता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।