राजधानी में कोरोना जांच की संख्या कम होने को लेकर शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि कोरोना जांच में सरकार आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि किसकी जांच की जाएगी। अन्य राज्यों की अपेक्षा दिल्ली में अभी भी अधिक जांच हो रही है।
शनिवार को प्रेसवार्ता कर सतेंद्र जैन ने कहा कि आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों को मानने के लिए सभी बाध्य हैं। आईसीएमआर शर्तों को हटा देता है तो कोई भी अपनी जांच करा सकता है, लेकिन ऐसा करने से समस्या खड़ी हो सकती है। क्योंकि, इससे बीमारों के बजाय स्वस्थ लोग अपनी जांच ज्यादा कराएंगे।
10 से 12 दिन पीछे है मुंबई से दिल्ली
दिल्ली की तुलना मुंबई से होने के विषय पर उन्होंने कहा कि कोरोना के केस पूरे देश में हैं। यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सिर्फ इसी क्षेत्र में ज्यादा मामले हैं। संक्रमण के मामले में दिल्ली अभी मुंबई में 10 से 12 दिन पीछे चल रही है। संभव है की कोई दूसरा राज्य दिल्ली से 15 दिन या एक महीना पीछे हो।
13 से 14 दिन में केस हो रहे दोगुना
सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में अभी भी केस दोगुना होने की दर 13 से 14 दिन है। रिकवरी रेट में भी कोई कमी नहीं है। क्योंकि, मरीज को पूरी तरह ठीक होने में 14-15 दिन लगते हैं। अभी भी 100 मरीजों में से करीब 98 ठीक हो रहे हैं। एलएनजेपी अस्पताल मामले में उन्होंने कहा कि कुछ प्रोत्साहित लोग ऐसा कर रहे हैं। जैसा कि दो दिन पहले की एक वीडियो वायरल हुआ था। वह एक संविदा कर्मचारी ने बनाया था, जिसे निलंबित कर दिया गया है। वह वीडियो जानबूझकर बनाया गया।