हरियाणा रोडवेज की बसों में यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन बसों में सफर करना यात्रियों को रास नहीं आ रहा है। खुद रोडवेज के आंकड़े इस बात का खुलासा कर रहे हैं। दरअसल, 7 जून को फतेहाबाद में बस के अंदर हुए धमाके के बाद रोडवेज के फरीदाबाद डिपो की आमदनी पर असर पड़ा है। डिपो की आमदनी पांच से दस फीसदी तक कम हुई है।
26 मई को कुरुक्षेत्र के पिपली के पास रोडवेज बस में हुए धमाके के दौरान छह लोग जख्मी हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही रोडवेज बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद 7 जून को एक बार फिर फतेहाबाद के भूना में रोडवेज बस में धमाका हो गया, जिसमें 12 लोग जख्मी हुए। वहीं, शनिवार को फरीदाबाद डिपो की बस में लड़की का शव मिलने से रोडवेज बसों की सुरक्षा को लेकर विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। भूना धमाके की घटना के बाद से ही सुरक्षा के लिहाज से यात्री रोडवेज बसों में सफर करने से कतराने लगे हैं। यात्रियों का मोहभंग होने से रोडवेज को नुकसान हो रहा है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 जून को रोडवेज के फरीदाबाद डिपो की औसत आमदनी 23.50 रुपये प्रति किलोमीटर थी, जो भूना हादसे के बाद 8 जून को घटकर 22.56 रुपये प्रति किलोमीटर पहुंच गई। 9 जून को यह आंकड़ा 21.80 रुपये प्रति किलोमीटर था। हालांकि, रोडवेज अधिकारी यात्रियों के मोहभंग जैसी किसी बात से इनकार कर रहे हैं।
हादसे ने खड़े किए सवाल
बस में धमाकों के बाद रोडवेज प्रबंधन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। रोडवेज महाप्रबंधक ने बस रवाना होने से पहले और यात्रा के दौरान अच्छी तरह जांच पड़ताल के निर्देश चालक-परिचालक को दिए थे, लेकिन शनिवार को बस में लड़की का शव मिलने के बाद बड़ी लापरवाही सामने आई है।
सीसीटीवी योजना अधर में
रोडवेज बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे लंबे समय से किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी यह योजना हवा-हवाई है। सूत्रों की मानें तो सरकार ने सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए निर्देश दिए हैं, जबकि महाप्रबंधकों के पास सिर्फ 10 हजार रुपये खर्च करने की शक्ति है। सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई बजट नहीं भेजा है।
हरियाणा रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सजग है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार कवायद की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-रीगन कुमार, महाप्रबंधक-फरीदाबाद डिपो