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नागपाल की गिरफ्तारी के बाद खुले कई राज

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कॉरपोरेट जासूसी मामले में गिरफ्तार लोकेश से पूछताछ में कई अधिकारियों के निजी सचिवों व सहायकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने लोकेश का रिमांड बढ़ाने की मांग करते हुए उक्त जानकारी कोर्ट को दी। कोर्ट ने पुलिस की मांग पर लोकेश का पुलिस रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया है।
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नोएडा स्थित एनर्जी कंसलटेंसी फर्म इंफ्रालाइन एनर्जी के कर्मचारी लोकेश शर्मा को पुलिस ने पांच दिनों के रिमांड के बाद शनिवार को द्वारका जिला अदालत के सीएमएम सतीश कुमार अरोड़ा के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों के मद्देनजर लोकेश शर्मा का रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया है।

अदालत ने आरोपियों को एफआईआर व अन्य दस्तावेज की कॉपी मुहैया करवाने का निर्देश पुलिस को दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस तीन मार्च तक बताए कि इस मामले में भारतीय गोपनीय दस्तावेज अधिनियम लागू होगा या नहीं।
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रिमांड बढ़ाने का किया है आग्रह

आरोपी का रिमांड बढ़ाने का आग्रह करते हुए पुलिस ने कहा कि लोकेश से पूछताछ के दौरान अफसरशाहों के निजी सचिवों व सहायकों के अलावा अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिसकी जांच करना जरूरी है। इसके अलावा लोकेश को जितेंद्र नागपाल व विपिन कुमार को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ करनी है।

पुलिस ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव के निजी सचिव व यूपीएससी मेंबर छतर सिंह के निजी सहायक विपिन कुमार को गोपनीय कागजात हासिल करने के आरोप में 25 फरवरी को गिरफ्तार किया था। यह दोनों आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर हैं।

पुलिस के रिमांड आवेदन का विरोध करते हुए लोकेश शर्मा के वकील डीके येती ने कहा कि उनका मुवक्किल पिछले पांच दिन से पुलिस रिमांड पर है। यह रिमांड जरूरत से ज्यादा था और पुलिस उससे कागजात पहले ही बरामद कर चुकी है।

जितेंद्र नागपाल के खुलासे के बाद घेरे में आई है ये कंपनी

आईजीआई एयरपोर्ट का रखरखाव करने व निर्माण कंपनी जीएमआर भी कॉरपोरेट जासूसी कांड में घिरती नजर आ रही है। जासूसी कांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कंपनी के मैनेजर स्तर के अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।

क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने जीएमआर के मैनेजर से पूछताछ होने की पुष्टि की है। तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि जीएमआर का मैनेजर गोपनीय दस्तावेज लेता था। क्राइम ब्रांच को तफ्तीश में ये पता लगा कि है कि कई और निर्माण करने वाली कंपनियां भी संदेह के घेरे में हैं।

दिल्ली पुलिस मैनेजर की निशानदेही पर जीएमआर के कुछ कार्यालयों पर छापेमारी कर गोपनीय दस्तावेज बरामद करने में लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मैनेजर से शुक्रवार और शनिवार को भी पूछताछ की गई।
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नागपाल के मैनेजर से थे अच्छे संबंध

पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव के निजी सचिव रहे जितेंद्र नागपाल और मैनेजर के अच्छे संबंध थे। ये भी बताया जा रहा है कि लोकेश भी जीएमआर के कुछ लोगों को कागजात देता था।

क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने इस बात की पुष्टि की है कि क्राइम ब्रांच ने सड़क परिवहन मंत्रालय के एक निजी सचिव व यूपीएसएस के कर्मचारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

हालांकि इस मामले में पुलिस ने शनिवार शाम तक  किसी और की गिरफ्तार नहीं की थी। पुलिस संबंधित मंत्रालयों को दस्तावेज भेज रही है जिससे ये पता लग सके कि  दस्तावेज कितने गोपनीय हैं। दस्तावेज गोपनीय होंगे तभी आफिशियल सीक्रेट एक्ट लगेगा।
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