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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद किसने कहा- अब निर्भया की मां से मिला सकूंगी आंख

Mon, 08 May 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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डीआईजी छाया शर्मा - फोटो : व‌िवेक न‌िगम/अमर उजाला
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निर्भया के दोषियों को फांसी तक पहुंचाने वाली डीआईजी छाया शर्मा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बहुत खुश व संतुष्ट हैं। मामले की जांच करने वाली एसआईटी की प्रमुख व उस समय दक्षिण जिले की डीसीपी रही छाया शर्मा अभी मानवाधिकार आयोग में डीआईजी के पद पर तैनात हैं। छाया शर्मा ने कहा कि अब वह निर्भया की मां से आंख मिलाकर कह सकेंगी कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के वादे को दिल्ली पुलिस ने पूरा कर दिया।
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छाया शर्मा ने बताया कि फैसला आने के बाद उन्हें व उसकी टीम को काफी संतुष्टि मिली है कि वह पीड़िता के परिवार को न्याय दिला सकी। अक्सर देखा जाता है कि पुलिस के काफी प्रयासों के बाद सफलता नहीं मिलती।

ऐसे में लोगों का पुलिस से विश्वास उठने लगता है। अब लोगों का दिल्ली पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा। वह निर्भया केस में वैज्ञानिक साक्ष्यों को सबसे बड़ा सबूत मानती हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों के अलावा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन, बस का रूट, दोषियों को पकड़ने जाने के बाद उनकी निशानदेही पर सभी तरह की बरामदगी करना आदि पुलिस ने पकड़े वे अहम सबूत थे।
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डीआईजी छाया शर्मा - फोटो : व‌िवेक न‌िगम/अमर उजाला
एसआईटी के हर सदस्य ने कड़ी व लगन से मेहनत की। पीड़िता के शरीर को दांतों से काटने के सबूत दिल्ली पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में पहली बार साक्ष्य एकत्रित किए थे। छाया शर्मा ने बताया कि उनकी दिशा निर्देशों पर पुलिस टीम ने जो अच्छी तफ्तीश की उस पर तीनों कोर्ट ने एक भी प्वाइंट पर सवाल नहीं उठाया।

जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एसीपी राजेंद्र सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस की तफ्तीश पर विश्वसनीयता बढ़ेगी। इंस्पेक्टर अतुल वर्मा का कहना था कि न्याय दिलाकर मन को तसल्ली मिली है।

वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्यों को ठीक तरीके से एकत्रित किया गया था। डीआईजी छाया शर्मा ने बताया कि एसआईटी में शामिल एसीपी राजेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर अतुल कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर वेदप्रकाश, इंस्पेक्टर नीरज चौधरी, इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी, इंस्पेक्टर ऐशवीर, इ्रंस्पेक्टर केपी मलिक,हवलदार महावीर ने काफी मेहनत की थी। इन्हीं लोगों ने दिन-रात मेहनत कर साक्ष्य एकत्रित किए थे।         
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