राजधानी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटों में 12 मरीजों की मौत हो गई और 412 नए केस सामने आए। कुल संक्रमितों की संख्या 14465 हो गई है, जबकि 288 मरीजों की मौत हो चुकी है। थोड़ी राहत भरी खबर यह है कि विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 183 लोगों को छुट्टी दे दी गई है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 14465 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार को एक सप्ताह बाद संक्रमितों का आंकड़ा 500 से कम रहा। राजधानी में इस समय 7223 एक्टिव केस हैं। इनमें से 2092 कोविड अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 506 मरीज कोविड केयर सेंटर में हैं और 132 को हेल्थ सेंटर में रखा गया है। सर्वाधिक 3770 संक्रमित होम आईसोलेशन में हैं। दिल्ली में प्रति 10 लाख की आबादी पर 8843 लोगों की जांच की जा रही है।
216 मरीजों की हालत गंभीर
कोविड अस्पतालों में भर्ती 216 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें 185 आईसीयू में हैं और 27 वेंटिलेटर पर हैं। इनमें सफदरजंग अस्पताल में सबसे ज्यादा 33 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है। कुल 7223 एक्टिव मरीजों में से सिर्फ 30 फीसदी ही अस्पतालों में भर्ती हैं।
एम्स कैंटीन का एक और कर्मचारी पॉजिटिव
एम्स अस्पताल की डॉक्टर कैंटीन का एक और कर्मचारी संक्रमित हो गया है। 22 मई को कैंटीन के एक कर्मचारी की संक्रमण से मौत हुई थी। बताया जा रहा है कि यह कर्मचारी भी उसी के संपर्क में आया था। एम्स आरडीए के महासचिव डॉक्टर राजकुमार श्रीनिवास ने बताया की कैंटीन में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की भी जांच कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी भी होस्टल प्रशासन सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कर रहा है।
सफदरजंग में भी मेस वर्कर चपेट में भी
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर मेस का एक कर्मचारी भी संक्रमित हो गया है। इसलिए 5 अन्य कर्मचारियों को क्वारंटीन किया गया है। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए गए हैं। इससे पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर मेस के भी 4 कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे।