संगम विहार, दिल्ली में रहने वाला जुबेर आलम उर्फ दानिश पॉश अमर कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती की हत्या कर मुंबई चला गया। इसने लूटपाट के लिए अपनी मां के साथ मिलकर बुजुर्ग दंपति की हत्या की। वहां पर वह फिल्म इंडस्ट्री में जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम करने लगा। वह फिल्म ‘अंतिम’ व टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में काम कर चुका है। फिलहाल वह कपिल शर्मा शो में काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे पटना रेलवे स्टेशन से ट्रेन से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह मुंबई से दिल्ली लौट रहा था।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल के अनुसार, सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिवकुमार को सूचना मिल रही थी कि जुबेर आलम मुंबई में छिपा हुआ है। इसके बाद एसआई राजेश शर्मा व एसआई सुमित कादियान की टीम मुंबई भेजी गई। इसके बाद इंस्पेक्टर शिवकुमार को फिर सूचना मिली कि जुबेर आलम मुंबई से ट्रेन से पटना आ रहा है। एसआई राजेश शर्मा व सुमित कादियान की टीम ने उसे पटना जंक्शन से ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया। उसे पटना की संबंधित अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया।
दंपति की हत्या कर 77 लाख रुपये व जूलरी लूट ली थी-
पीडि़त वीरेंद्र कुमार खनेजा (उम्र 77 वर्ष) और उनकी पत्नी सरला खनेजा (उम्र 70 वर्ष) माउंट कैलाश, नई दिल्ली स्थित अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। 18 जनवरी, 2019 के बाद अचानक दोनों ने अपने बच्चों और अन्य रिश्तेदारों का फोन उठाने बंद कर दिए। इससे परेशान गुरुग्राम में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने 26 जनवरी, 19 को पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों मृत पड़े थे। दोनों के हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए मिले। घर से 12 लाख रुपये व ज्वैलरी गायब मिली। जांच के दौरान पुलिस को इस हत्याकांड में बुजुर्ग दंपती की नौकरानी और उसके बेटे जुबेर की भूमिका संदिग्ध मिली। जांच के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से लूटी गई जूलरी व नकदी बरामद की गई।
वयस्क की तरह चला था केस
अपराध के समय जुबेर किशोर था, लेकिन हत्या की जघन्य प्रकृति, कार्यप्रणाली और भीषण हत्याओं में उसकी भूमिका को देखते हुए अदालत ने मामले में सुनवाई के समय उसे वयस्क माना। हालांकि उसे दिसंबर 2020 में जमानत दे दी गई। उनकी माँ को कोविड महामारी के कारण 25 मई, 21 को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से दोनों आरोपी मामले की सुनवाई से बचने के लिए फरार हो गए। जुबेर अपने पिता के साथ मुंबई चला गया।