फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू में लाल सलाम के बाद भड़की हिंसा, एबीवीपी कार्यकर्ता घायल, अध्यक्ष बोले- मुझ पर हुआ हमला

Mon, 17 Sep 2018 01:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
jnu - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आने के कुछ घंटों बाद जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ने एक दूसरे पर मारपीट व हिंसा का आरोप लगाया है। एबीवीपी का कहना है कि लेफ्ट के छात्रों ने उनके छात्रों से मारपीट कर उन्हें लहुलूहान कर दिया।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि दोनों छात्र संगठनों के बीच उपजे विवाद के बाद बाहर के भी छात्र जेएनयू में पहुंच चुके हैं। पीसीआर पर हिंसा की खबरें मिलते ही संयुक्त पुलिस कमिश्नर अजय चौधरी सुबह  3 बजे  कैंपस पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और छात्रों के साथ बैठक कर मामले को शांत करने की कोशिश की।

जेएनयू छात्रसंघ के नए प्रेसीडेंट बने एनसाई बालाजी का आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे एबीवीपी के छात्रों ने अचानक ही छात्रों पर हमला कर दिया। बालाजी का आरोप है कि, 'मुझे सतलज हॉस्टल पर बुलाया गया। छात्रसंघ का प्रेसीडेंट होने के नाते मैं वहां आईसा कार्यकर्ता पवन मीणा की सुरक्षा सुनिश्चित करने वहां पहुंचा। उसे एबीवीपी के लोगों ने लाठियों से मारा। जब मैं वहां पहुंचा तो वहां बहुत भीड़ देखी। जेएनयूएसयू के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी और एबीवीपी के कार्यकर्ता सौरभ शर्मा लाठियों से छात्रों पर हमला कर रहे थे।'

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

एबीवीपी ने लगाए ये आरोप

बालाजी ने ये भी आरोप लगाया कि, 'जेएनयूएसयू की पूर्व प्रेसीडेंट गीता ने खुलेआम  मुझे धमकी दी कि अगर हिंसा को रोकने की कोशिश की गई तो परिणाम भुगतना होगा। जल्द ही वह हिंसा करने वाल समूह भीड़ में तब्दील हो गया और जेएनयू के पूर्व छात्र अभिनय पर अटैक करने लगे। मैं अन्य छात्रों के साथ अभिनय को बचाने के लिए दौड़ा लेकिन तब तक अभिनय बेहोश होकर गिर चुका था। तब हम अभिनय को एंबुलेंस तक ले गए और उसका इलाज कराया।'

वहीं एबीवीपी का आरोप है कि  JNU में कल रात को  हॉस्टल में सो रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओ पर वामपंथियो ने हमला कर दिया। 6 एबीवीपी कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। अभी भी जेएनयू में करीब 300 लोग बाहर से आकर जेएनयू में हुड़दंग कर रहे हैं।

वहीं ये भी आरोप लगाया गया है कि जेएनयू के तीन छात्र जो एबीवीपी से जुड़े हुए हैं उनपर वामपंथियों ने हमला कर दिया है। हमला करने वालों में 15-20 लोग थे जिनमें कुछ छात्र नहीं थे। उन्हें गीता कुमारी और उनका दोस्त अंकित सिंह लीड कर रहे थे। वह सुजल यादव के कमरे में घुसे और उसे लाठी  और घूसों से मारा। उन्होंने उसका हाथ भी फ्रैक्चर कर दिया। सुजल पर 30 घंटे में दूसरी बार अटैक किया। यह सभी आरोप एबीवीपी की तरफ से लगाए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें