छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आने के कुछ घंटों बाद जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ने एक दूसरे पर मारपीट व हिंसा का आरोप लगाया है। एबीवीपी का कहना है कि लेफ्ट के छात्रों ने उनके छात्रों से मारपीट कर उन्हें लहुलूहान कर दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों छात्र संगठनों के बीच उपजे विवाद के बाद बाहर के भी छात्र जेएनयू में पहुंच चुके हैं। पीसीआर पर हिंसा की खबरें मिलते ही संयुक्त पुलिस कमिश्नर अजय चौधरी सुबह 3 बजे कैंपस पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और छात्रों के साथ बैठक कर मामले को शांत करने की कोशिश की।
जेएनयू छात्रसंघ के नए प्रेसीडेंट बने एनसाई बालाजी का आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे एबीवीपी के छात्रों ने अचानक ही छात्रों पर हमला कर दिया। बालाजी का आरोप है कि, 'मुझे सतलज हॉस्टल पर बुलाया गया। छात्रसंघ का प्रेसीडेंट होने के नाते मैं वहां आईसा कार्यकर्ता पवन मीणा की सुरक्षा सुनिश्चित करने वहां पहुंचा। उसे एबीवीपी के लोगों ने लाठियों से मारा। जब मैं वहां पहुंचा तो वहां बहुत भीड़ देखी। जेएनयूएसयू के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी और एबीवीपी के कार्यकर्ता सौरभ शर्मा लाठियों से छात्रों पर हमला कर रहे थे।'