हाईकोर्ट ने दखल के बाद जिला अदालत ने भद्दी टिप्पणी व इशारे करने में मामले में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) को बतौर आरोपी समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। एडीजे की चेचेरी भाभी ने ही उसके खिलाफ 2010 में शिकायत दायर की थी लेकिन उसकी शिकायत पर न एफआईआर हुई और न कोर्ट में सुनवाई हुई।
तीस हजारी अदालत के एसीएमएम भूपेंद्र सिंह ने एडीजे को बतौर आरोपी समन जारी कर चार सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा आरोपी के खिलाफ भद्दी टिप्पणी व इशारे करने संबंधी धाराओं में आरोप तय करने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं। हालांकि कोर्ट ने रास्ता रोकने व छेड़छाड़ की धाराओं पर संज्ञान नहीं लिया है।
पेश मामले में पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि एडीजे उसका चचेरा देवर है और वह एक ही मकान की दो मंजिलों पर रहते हैं। दोनों परिवारों के बीच 29 मई 2010 को किसी को बात को लेकर झगड़ा हुआ था। एडीजे ने अगले दिन उसके पति के दफ्तर जाने के बाद उससे बदसलूकी व दुर्व्यवहार किया।
पीड़िता ने इसकी शिकायत थाना रूप नगर पुलिस को दी थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद केस दर्ज करने के लिये कोर्ट में शिकायत दी गई लेकिन आवेदन खारिज कर दिया गया। इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले की दोबारा कानूनी तरीके से सुनवाई का निर्देश 24 जनवरी 2018 को दिया था।