बिलासपुर के सलेमपुर गुर्जर निवासी नेमचंद शर्मा अटल को आपातकाल के दौरान 17 जुलाई 1975 कि रात को मंडी श्याम नगर घर से उठाकर पुलिस ने बुलंदशहर जेल में बंद कर दिया।
वहां एक दिन रखने के बाद 18 जुलाई को आगरा जेल भेज दिया गया। उन दिनों वे सिकंद्राबाद सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य थे। पुलिस आधी रात में उन्हें उठाकर ले गई। जेल में एक साल तक रहे। वहां काफी यातनाएं दी गईं।
जेल में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास गुप्ता, दनकौर के गांव देवटा निवासी चौधरी तेज सिंह, दनकौर के गिरधारी लाल नगर पंचायत के चेयरमैन, व्यापारी बनवारीलाल, प्रकाश चंद नेताजी, दनकौर विवेकानंद विद्यापीठ के प्रधानाचार्य लेखराज सिंह भी रहे।