बेटी आरुषि की हत्या के आरोप में करीब चार साल तक जेल की सजा काटने के बाद सोमवार को रिहा हुए तलवार दंपती ने जेल से निकलते ही हाथ जोड़कर सबको धन्यवाद दिया। राजेश और नूपुर दोनों के चेहरे पर हल्की मुस्कान दिखी। हालांकि उन्होंने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया। मीडिया के जमावड़े के बीच सबका धन्यवाद करते हुए तलवार दंपती नोएडा रवाना हो गए।
सोमवार को सुबह करीब दस बजे सीबीआई कोर्ट की कार्रवाई शुरू होते ही तलवार दंपती की रिहाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई। हालांकि करीब 11 बजे हाईकोर्ट का आदेश लेकर राजेश तलवार के भाई दिनेश और उनके दोस्त सीबीआई कोर्ट पहुंचे। कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के बावजूद तलवार दंपती के वकील मनोज शिशौदिया ने रिहाई संबंधी दस्तावेज तैयार कर रखे थे।
सभी दस्तावेज सीबीआई कोर्ट में जमा करवाए गए। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे कोर्ट ने डासना जेल के लिए रिहाई का परवाना जारी किया। इसके बाद शाम करीब पांच बजे राजेश और नूपुर को डासना जेल से रिहा कर दिया गया। डासना जेल पहुंचे राजेश के भाई दिनेश तलवार ने कहा कि उन्हें अपने भाई-भाभी के लिए जिस न्याय की उम्मीद थी वह मिल गया।
हालांकि आरुषि को इंसाफ के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चार साल बाद भाई-भाभी के घर आने से उनके साथ ही परिवार के सभी लोग बहुत खुश हैं।