बिजली संकट झेल रहे लोगों को सोमवार से पानी का संकट भी झेलना पड़ेगा। निगम अफसरों और कर्मचारियों की लड़ाई में शुक्रवार को महानगर के 20 लाख लोगों को गंदगी से जूझना पड़ा।
हड़ताली कर्मचारियों ने वाहनों का चक्का जाम कर कूड़ा उठाने का काम भी ठप कर दिया। अब सोमवार से जल विभाग के कर्मचारी शहर में पेयजल आपूर्ति भी ठप करेंगे। ऐसे में लोगों को पानी नहीं मिलेगा।
कर्मचारियों के इस आंदोलन को निगम के पार्षदों ने भी पहुंचकर समर्थन दिया। शनिवार से वार्ड-74 के पार्षद जाकि सैफी उनके समर्थन में भूख हड़ताल करेंगे।
निगम के कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे मंत्रोच्चारण के साथ नगर आयुक्त एसके सिंह की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। कर्मचारी डीपीसी (पदोन्नति) और मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त की गई महिला कर्मचारी को लिपिक बनाए जाने की मांग पर अड़े रहे।
निगम पार्षद प्रवीन चौधरी, राजीव भाटी, अजय शर्मा, जाकिर अली सैफी, अजीमुद्दीन सैफी ने कर्मचारियों को समर्थन दिया। पार्षद जाकिर अली ने नगरायुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा मुख्यमंत्री को पत्र भेजा।
निगम अधिकारियों ने शुक्रवार शाम फिर कर्मचारी यूनियन को वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को लिपिक बनाने पर तो सहमति दे दी, लेकिन डीपीसी पर निर्णय लिए हामी नहीं भरी।