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गोल्फ क्लब में अपमानित होने के बाद टूटी महिला, पूछा-तो क्या अब खरीदनी होगी जीन्स

Wed, 28 Jun 2017 02:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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उस दिन घर लौटते वक्त तैलिन लिंगदोह पूरे रास्ते खामोश रही। अपनी 51 साल की जिंदगी उसने जो कुछ पहना था वो शिलौंग के एक छोटे से बाजार से खरीदा हुआ था। लेकिन बीते रविवार उसे अपने इसी कपड़े ‌के लिए बेइज्जत व ‌शर्मिंदा होना पड़ा।
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तैलिन को दिल्ली गोल्फ क्लब में लंच का निमंत्रण मिला था। वहां पहुंचने के 15 मिनट के अंदर ही क्लब के कुछ स्टाफ तैलिन के पास पहुंचे। स्टाफ ने तैलिन से कहा कि आप यहां डाइनिंग एरिया में नहीं बैठ सकतीं क्योंकि आपके कपड़े नौकरानियों वाले हैं और नेपालियों जैसे लगते हैं। दरअसल तैलिन ने खासी समुदाय की पारंपरिक ड्रेस जैनसम पहनी थी। 

हालांकि क्लब ने बयान जारी कर माफी मांगी है और कहा है कि इस मामले को और बहतर तरीके से निपटाया जा सकता था। क्लब ने कहा है कि उन्होंने क्लब के उस सदस्य से माफी मांग ली है जिसने तैलिन को लंच पर बुलाया था। और उन्हें माफी भी मिल गई है। हालांकि अभी तक तैलिन के पास कोई माफीनामा नहीं पहुंचा है।
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‌दिल्ली गोल्फ क्लब

तैलिन ने बताया कि यह वही जैनसम ड्रेस है जो उसने लंदन में पहनी थी और अबुधाबी में भी। तैलिन बताती है कि जिस परिवार के साथ वो दिल्ली गोल्फ क्लब में गई थी उनके साथ वो तबसे जुड़ी है जब परिवार का बेटा राघव 1 महीने का था। तब से ही तैलिन सोंधी परिवार के साथ यात्रा कर रही है और रह भी रही है। बता दें कि सोंधी परिवार इस वक्त अबू धाबी में रह रहा है। 

राघव की मां निवेदिता बताती हैं कि खासी महिलाएं बच्चों का खयाल रखने में पारंगत होती हैं। तैलिन ने बताया कि वह बच्चों का खयाल तब से रख रही है जब वह खुद एक बच्ची थी। राघव के पिता ने बताया कि तैलिन रविवार को भी हमारे परिवार के सदस्य के रूप में क्लब गई थी।

उस दिन जब तैलिन को वहां से जाने को कहा गया तो राघव का पूरा परिवार वहां से उठकर जाने लगा तब तैलिन ने राघव के पिता से पूछा था, 'विवेक क्या इसका मतलब है कि अब मुझे जीन्स खरीदनी और पहननी पड़ेगी?'
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