पुलिस ने हत्या के मामले में दंपती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान ज्योति, लेखपाल और सुरजीत के रूप में हुई है। दरअसल माधव और ज्योति के बीच नजदीकियां थीं। यह बात जब ज्योति के पति लेखपाल को पता चली तो उसने माधव की हत्या की योजना बना ली।
वारदात में लेखपाल ने सुरजीत को भी शामिल किया। होली वाले दिन ज्योति ने फोन कर माधव को घर बुला लिया। वहां तीनों ने पीटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में उसका शव घर में नाली में गड्ढा करके दफना दिया गया। बाद में सभी आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने माधव का शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से अलीगढ़ का रहने वाला माधव किराए पर कमरा लेकर आनंद पर्वत इलाके में रहता था। इसका परिवार गांव में रहता है। माधव यहां एक फैक्टरी में काम करता था। होली वाले दिन वह अपना मोबाइल मकान मालिक मोहन कुमार पांडेय को देकर होली खेलने जाने की बात कर निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा।
माधव से संपर्क न होने पर उसके परिजनों ने दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदार राकेश से संपर्क किया। बाद में मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने जब माधव के मोबाइल की जांच की तो पता चला कि वह किसी ज्योति नामक महिला के संपर्क में था।
पुलिस पंजाबी बस्ती, बलजीत नगर ज्योति के घर पहुंची तो उसका घर बंद मिला, लेकिन घर से दुर्गंध आ रही थी। संदिग्ध लगने पर घर में बने गड्ढे को खोदा गया तो वहां से माधव का शव बरामद हुआ। क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुला लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इंस्पेक्टर रोहित की टीम ने छानबीन के बाद ज्योति और उसके पति लेखपाल को गिरफ्तार किया। दोनों ने हत्याकांड में सुरजीत के भी शामिल होने की जानकारी दी, उसको भी दबोच लिया गया।