जिलाधीश ने उक्त अधिनियमों के अंतर्गत दिए गए अधिकारियों के मद्देनजर फैसला सुनाते हुए कहा दंपती के बेटा व बहू ने उनके साथ बेहद खराब व्यवहार किया और उन्हें उनके ही घर में शांति से नहीं रहने दिया। इसलिए संबंधित कानून के प्रावधानों के तहत बेटा व बहू को घर खाली करने का आदेश दिया जाता है।
बुजुर्ग दंपती ने नवंबर 2017 में अपनी याचिका दायर कर कहा था कि उनके बेटा व बहू ने पंचशील पार्क स्थित उनके घर की पहली मंजिल पर जबरन कब्जा कर रखा है। बेटा व उसकी पत्नी 2004 से उनके साथ मारपीट व अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं।
बेटे ने गला दबाकर पिता को मारने की कोशिश की लेकिन किसी तरह वह बच गए। याचिका में दंपती ने कहा बेटा व बहू हर दिन मारपीट करते थे और इतना ही नहीं माता-पिता को परेशान करने के लिए 2012 में उन दोनों ने बाउंसर भी रखे थे।