दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज के जरिये भारतीय पासपोर्ट बनवाकर वर्षों से यात्रा कर रहे एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा काबुल जाने से पहले इमिग्रेशन जांच के दौरान हुआ।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज के जरिये भारतीय पासपोर्ट बनवाकर वर्षों से यात्रा कर रहे एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी 24 जुलाई को काबुल जाने वाली उड़ान के लिए टर्मिनल-3 स्थित डिपार्चर इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचा था, जहां जांच के दौरान उसकी पहचान उजागर हुई।
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पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मोहम्मद अकिल नाम से असम के गुवाहाटी से जारी भारतीय पासपोर्ट प्रस्तुत किया। दस्तावेज की जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ। इमिग्रेशन रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसका वास्तविक नाम अयूब है और वह अफगानिस्तान का नागरिक है। वह वर्ष 2017 में अफगान पासपोर्ट पर मेडिकल वीजा लेकर भारत आया था।
आधार, पैन और वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज बरामद
जांच में सामने आया कि भारत आने के बाद वह असम में रहने लगा और फर्जी तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर पहचान पत्र तथा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया। इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर उसने 2019 और 2020 में विदेश यात्राएं भी की थीं। इस बार भी वह उसी पासपोर्ट के जरिए काबुल जाने की कोशिश कर रहा था।
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इमिग्रेशन अधिकारियों ने आरोपी को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। उसके कब्जे से भारतीय पासपोर्ट, बोर्डिंग पास, आधार, पैन, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और अफगान पासपोर्ट की फोटोकॉपी समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पहले कहां पकड़ा गया अफगान नागरिक
इससे पहले एक और अफगान नागरिक भी IGI पर ही पकड़ा गया था। वह दुबई भागने की कोशिश कर रहा था। इस शख्स की पहचान को लेकर पुलिस ने बताया था कि 20 जुलाई की शाम सात बजे यूसुफ अब्दुल गफ्फार हजरत नाम का एक यात्री भारतीय पासपोर्ट लेकर दुबई जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। उसका पासपोर्ट में पता हावड़ा, पश्चिम बंगाल का था। अधिकारियों को उसकी पहचान पर संदेह हुआ। तलाशी में उसके पास से अफगानी पासपोर्ट मिला, जिससे पता चला कि उसका असली नाम हजरत यूसुफ है।