दिल्ली वेस्ट स्थित पॉलिटैक्निक कॉलेज के दो मालिकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस अफगान युवती और उसके साथियों के खिलाफ स्थानीय कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज किए गए मानहानि मामले में कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक युवती न तो जांच में सहयोग कर रही है और न ही अपने आवाज का नमूना दे रही है। जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।
जांच अधिकारियों ने कहा है कि वे जल्द ही युवती को जांच में शामिल होने के लिए एक कानूनी भजेंगे। सूत्रों के मुताबिक युवती ने पिछले वर्ष दो व्यक्तियों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। जिन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।
कमीशन के लिए मांगी मोटी रकम
दरअसल अफगान युवती ने 2012 में पॉलिटैक्निक कॉलेज के मालिकों से दाखिले के लिए संपर्क किया था। युवती कॉलेज के फीस जमा करने में सक्षम नहीं थी, इसके बदले में उसने इंस्टीट्यूट के लिए काम करना शुरू किया।
इतना ही नहीं युवती ने उनसे वादा किया कि अगर वे उसे कमीशन देते हैं तो वह अपने जैसे और भी छात्रों का एडमिशन उनके कॉलेज में करा सकती है।
लेकिन कॉलेज मालिकों और अफगान युवती के बीच उस वक्त झगड़ा शुरू हो गया जब युवती ने कमीशन के लिए ज्यादा पैसे मांगे और कमीशन में मोटी रकम ने देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
कौन सच्चा कौन झूठा?
अफगान युवती इन व्यक्तियों द्वारा चलाए जा रहे पॉलिटैक्निक कॉलेज में ट्रनी कर्मचारी थी। इनमें से एक व्यक्ति की पत्नी की शिकायत भी गैंगरेप केस में की गई थी।
बताया जाता है कि गैंगरेप केस में एफआईआर दर्ज होने के बाद अफगान युवती ने इन दोनों कॉलेज मालिकों से केस वापस लेने के लिए 5 करोड रुपयों की मांग की थी।
लेकिन गैंगरेप के आरोपियों ने पैसे के एवज में ब्लैकमेल करने का ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपकर जमानत प्राप्त कर ली थी। जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने अफगान युवती के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक कोर्ट के निर्देश पर युवती और उसकी साथियों के खिलाफ भारतीय आचार संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया।