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किसानों के दबाव का असर: नक्शा पास करने का फैसला टला

Wed, 30 Sep 2015 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा प्राधिकरण ने गांवों में बनने वाले नए भवनों का नक्शा पास करने के फैसले को फिलहाल स्थगित कर दिया है। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है। प्राधिकरण के चेयरमैन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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चेयरमैन रमा रमण ने कहा कि नक्शा पास करने की नीति को बोर्ड से मंजूरी इसलिए दी गई थी, ताकि इस पर लोगों की आपत्ति मांगी जा सके। आपत्तियों को निपटाने के बाद शासन को भेजा जाता।

वहां से अनुमति मिलने के बाद भवन नियमावली में संशोधन कर इसे लागू किया जाता, मगर यह तभी हो सकता है जब ग्रामीण सहमत हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुछ लोग ग्रामीणों को भ्रमित कर रहे हैं।
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प्राधिकरण ने गांवों में नक्शा पास करने का फैसला ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखकर लिया था। चेयरमैन ने बताया कि नक्शा पास करने से पहले गांवों की मैपिंग कर हर घर का नंबर दिया जाता।

गांवों में बने घरों के कागजात बनने से उसके मालिक को ही फायदा होता। बैंक या किसी अन्य जगह पर घर के कागजात लगा सकते थे। मौजूदा समय में उनके पास कोई पहचान नहीं है।

गैस कनेक्शन लेना हो या बैंक का खाता खुलवाना हो, तो गांव में बने घरों के कागजात को मान्य नहीं किया जाता। चेयरमैन ने यह भी कहा कि गांवों में रास्ते संकरे होते हैं। घर बनाते समय ग्रामीण पूरी जमीन घेर लेते हैं।

गेट भी सड़क पर ही खुलता है। सीढ़ियां भी सड़कों पर ही बनती हैं। अगर कोई हादसा हो जाए, तो बचाव कार्य कैसे हो सकेंगे। नक्शा पास होने से सही तरीके से जगह छोड़कर ही मकान बनते, जिससे ग्रामीणों को ही फायदा मिलता।

बता दें कि पिछली बोर्ड बैठक में नोएडा प्राधिकरण ने नक्शा पास करने के फैसले को मंजूरी दी थी। इसके बाद ही ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया। तमाम किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए।

ग्रामीणों की मांग है कि प्राधिकरण पहले तो विकास कार्य कराए। हर घर का नंबर और पहचान दे। उसके बाद ही नक्शा पास करने का फैसला मान्य होगा।

नीति के खिलाफ एकजुट हो गए थे लोग
प्राधिकरण ने जैसे ही गांव में नक्शा नीति को लागू करने की बात कही थी, चारों तरफ विरोध शुरू हो गया। बसपा विधायक सत्यवीर गुर्जर ने तो इस मसले को विधानसभा में उठाने की बात की थी।

इसी तह भाजपा विधायक विमला बाथम समेत कई किसान संगठनों ने भी पुरजोर विरोध शुरू कर दिया था। रोज पंचायतें होनी शुरू हो गई थीं।

सिटी बसों के बाद कार फ्री नोएडा
गुड़गांव की तर्ज पर नोएडा में भी कार फ्री अभियान चलेगा, मगर इसके लिए सिटी बसों के चलने का इंतजार करना पड़ेगा।

नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण ने कहा कि बसों को चलाने के बाद ही लोगों को कार न लाने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर में सिटी बसों को चलाने वाली कंपनी का चयन हो जाएगा।
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