संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला न्यायिक परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव अधिवक्ताओं और यहां आने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्षों से चैंबरों की कमी, पार्किंग की अव्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था का अभाव और बरसात के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन अभी तक इनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अधिवक्ताओं के अनुसार, न्यायिक परिसर में वकीलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि चैंबरों की संख्या उसी अनुपात में नहीं बढ़ाई गई। इसके कारण कई अधिवक्ताओं को बैठने और अपने मुवक्किलों से मिलने में कठिनाई होती है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से न्यायिक परिसर में रोजाना वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार लोगों को अपने वाहन परिसर से बाहर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे उन्हें असुविधा होती है। अधिवक्ताओं ने बताया कि न्यायिक परिसर में पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं हैं। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई बार पार्किंग में खड़े वाहनों से सामान चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बरसात के मौसम में न्यायिक परिसर में जलभराव की समस्या भी गंभीर हो जाती है। थोड़ी देर की बारिश के बाद ही परिसर में पानी भर जाता है, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों और कर्मचारियों को आवाजाही में परेशानी होती है।
बातचीत
न्यायिक परिसर में प्रतिदिन छह हजार से अधिक अधिवक्ता, वादकारी और अन्य लोग पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। -जोगिंदर चौहान, प्रधान जिला बार एसोसिएशन
न्यायिक परिसर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रोजाना वाहन खड़े करने में परेशानी होती है। कई बार वाहनों को सड़क किनारे या परिसर से बाहर खड़ा करना पड़ता है। -राजीव लांबा अधिवक्ता
न्यायिक परिसर में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बेहद कम है। कई बार पार्किंग में खड़े वाहनों से सामान चोरी होने की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे अधिवक्ताओं में सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। - अमीत बैसला अधिवक्ता
बरसात में जलभराव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। प्रतिदिन हजारों लोग न्यायिक परिसर में आते हैं, इसलिए इन मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाना चाहिए ।-राकेश भारद्वाज अधिवक्ता