दिल्ली के दंगल में इस बार 35 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि 36 फीसदी उम्मीदवारों के नाम करोड़ों रुपये की संपत्ति है। विधानसभा 2020 के चुनाव में कुल 672 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 104 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 4.34 करोड़ रुपये है। ये खुलासा एडीआर की रिपोर्ट में हुआ है। नामांकन के दौरान जमा किए उम्मीदवारों के एफिडेविट के आधार पर गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ये रिपोर्ट है।
इसके अनुसार दिल्ली के चुनाव में राष्ट्रीय दलों के 210, राज्य दलों के 90, गैर मान्यता प्राप्त दलों के 224 और 148 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इस बार 95 राजनीतिक दल चुनाव लड़ रहे हैं जबकि 2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव में 71 राजनीति दलों ने चुनाव लड़ा था।
672 में से 133 (20 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 2015 के चुनाव में कुल 673 उम्मीदवार थे जिनमें से 114 (17 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले चलने की पुष्टि की थी। वहीं गंभीर मामलों की बात करें तो इस बार 104 (15 फीसदी) उम्मीदवार मैदान में हैं, पिछले चुनाव में इनकी संख्या 74 (11 फीसदी) थी। गंभीर आपराधिक मामलों में पांच साल या उससे अधिक सजा वाले अपराध, गैर जमानती अपराध, चुनाव से संबंधित अपराध, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, हमला, हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, भ्रष्टाचार और महिलाओं पर अत्याचार इत्यादि से जुड़े अपराध शामिल हैं।
इस चुनाव में 32 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके खिलाफ महिलाओं के ऊपर अत्याचार करने से मामले चल रहे हैं। इनमें से एक उम्मीदवार पर दुष्कर्म का मामला भी है। इनके अलावा चार उम्मीदवारों पर हत्या और 20 उम्मीदवारों के खिलाफ दोषसिद्घ तक हो चुका है। चूंकि इस बार चुनाव में नेताओं के भड़काऊ भाषण भी खूब सुर्खियों में हैं। अगर भड़काऊ भाषण से जुड़े मामलों की बात करें तो 8 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं जिनमें भाजपा के हरी नगर से प्रत्याशी तेजिंदर सिंह बग्गा और आप के ओखला से प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान शामिल हैं। इनमें आप के दिलीप पांडेय, सोमनाथ भारती और नरेश यादव जैसे नेता शामिल हैं।
इन मामलों की दलवार स्थिति देखें तो आम आदमी पार्टी के 70 में से 42 यानि 60 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। जबकि 36 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ठीक इसी तरह भाजपा के 67 में से 26 पर आपराधिक और 17 पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। कांग्रेस के 66 में से 18 पर आपराधिक और 13 उम्मीदवार गंभीर मामलों में आरोपी हैं।
इस बार 13 करोड़पति ज्यादा
2015 के चुनाव में 230 करोड़पति नेताओं ने चुनाव लड़ा था। जबकि इस बार करोड़पति नेताओं की इस सूची में 13 का और इजाफा हुआ है। इस बार 243 करोड़पति नेता मैदान में हैं। इनमें सर्वाधिक 105 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके नाम पांच या उससे ज्यादा करोड़ रुपये की संपत्ति है। जबकि 2 से 5 करोड़ रुपये के बीच संपत्ति वाले कुल 72 उम्मीदवार हैं। कांग्रेस के कुल 66 में से 55, आप के 70 में से 51, भाजपा के 67 में से 47, बसपा के 66 में से 13 और एनसीपी के 5 में से 2 उम्मीदवार करोड़पति की सूची में हैं जिन पर एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इस बार उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 4.34 करोड़ रुपये देखी गई है। जबकि 2015 में ये 3.32 करोड़ रुपये थी।
ये हैं दिल्ली के सबसे धनवान नेता
दिल्ली के दंगल में अपनी किस्मत अजमा रहे नेताओं में धनवानों की बात करें तो शीर्ष तीन करोड़पति एक ही राजनैतिक पार्टी से जुड़े हैं। आम आदमी पार्टी के मुंडका से प्रत्याशी धर्मपाल लाकड़ा सबसे धनी हैं। इनके नाम 292 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इन्हीं की पार्टी से प्रमिला टोकस और रामसिंह नेताजी हैं जिनपर 80-80 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।
2020 में करोड़पति प्रत्याशीः
कांग्रेस : 83 फीसदी
आप : 73 फीसदी
भाजपा : 70 फीसदी
2015 में करोड़पति प्रत्याशीः
कांग्रेस : 84 फीसदी
भाजपा : 72 फीसदी
आप : 63 फीसदी
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