जिला प्रशासन लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है, लेकिन उनके पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन नहीं हैं। यहां तक की कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए लैपटॉप और प्रोजेक्टर भी नहीं हैं। अब प्रशासन ने निजी कॉलेज और विश्वविद्यालयों से लैपटॉप, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर उधार मांगे हैं, ताकि चुनाव में लगने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा सके।
11 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 8100 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। नियुक्ति से पहले सभी कर्मचारियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन जिला प्रशासन के पास कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के संसाधनों की कमी है। प्रशासन ने जिले के 20 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संसाधन उधार मांगे हैं।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी बीएन सिंह की तरफ से इन सभी को पत्र भेजा गया है। इनमें गलगोटिया विश्वविद्यालय, जीबीयू, शारदा विश्वविद्यालय, जेएसएस, रामईश, राधा गोविंद, चेतराम शर्मा कॉलेज ऑफिस एजूकेशन, जेआरई, कॉलेज ऑफ एजूकेशन बिलासपुर, मेट्रो कॉलेज ऑफ हेल्थ साइंस एंड रिसर्च, आईआईएलएम, आईआईएमटी, यूनाइटेड, जेआईएमस, डीआईटी, जनहित, पेट्रोनाइज, लायड लॉ, ज्ञान देवी, परसंदी देवी कॉलेज ऑफ लॉ बिलासपुर शामिल है। इन सभी कॉलेज व विश्वविद्यालय से एक-एक प्रोजेक्टर (स्क्रीन सहित), लैपटॉप और कंप्यूटर ऑपरेटर मांगे हैं।