-कुत्तों को पकड़ने के लिए स्टाफ की तैनाती
-नए हॉस्टल भवन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) प्रशासन ने एमबीबीएस छात्राओं द्वारा हॉस्टल बदहाली को लेकर उठाए मुद्दों पर संज्ञान लिया। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। प्रशासन के अनुसार छात्रों ने मेस, साफ-सफाई, आवारा कुत्तों और एयर-कंडीशनर जैसी सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की थी। इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हॉस्टल की स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए स्टाफ की तैनाती को व्यवस्थित किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की मांग भी की गई है। मेस व्यवस्था का संचालन छात्रों के अधीन है। कॉलेज प्रशासन इसकी दैनिक गतिविधियों में शामिल नहीं है। हालांकि करीब 30 लाख रुपये के बकाया भुगतान को सेवाओं के सुधार में बड़ी बाधा बताया गया है। बकाया राशि न चुकाने वाले छात्रों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। एनडीएमसी और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कुत्तों को पकड़ने के लिए स्टाफ की तैनाती और नियमित निगरानी भी शुरू की गई है।
एयर-कंडीशनिंग की मांग पर प्रशासन ने कहा कि बिजली लोड से जुड़े सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा रहा है। फिलहाल छात्रों के लिए एयर-कंडीशनर कॉमन रूम उपलब्ध हैं। नए हॉस्टल भवन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।