उपायुक्त ने कहा कि पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रीज ट्रे, गमले इत्यादि को खाली करके सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे व लार्वा मर जाए। डेंगू रोकने के लिए घरों के आस-पास गड्ढे को मिट्टी से भरवा दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना डेंगू की दवा ना लें। क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि जनपद में सभी प्राइवेट अस्पतालों और लैब में डेंगू व चिकनगुनिया की जांच के लिए 600 रुपये के शुल्क निर्धारित किये हैं। वहीं चिकनगुनिया के आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए 1000 रुपये निर्धारित किये गए हैं।