शहर में घरों का पता ढूंढना आसान होने जा रहा है। जीडीए शहर की अपनी 28 कालोनियों की गलियों के बाहर एड्रेस बोर्ड लगवाएगा। करीब एक वर्ष से अटकी इस योजना को दोबारा शुरू करने का खाका खींचा है।
विदेशों की तर्ज पर लगे बोर्ड में गली के प्रत्येक मकान का पता दर्ज होगा। योजना पीपीपी मोड पर बैंकों की सहभागिता से परवान चढ़ेगी। सितंबर से अमल शुरू होगा।
बीते वर्ष बैंक अधिकारियों के साथ बैठक में वीसी ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबलिटी के अंतर्गत योजना के लिए प्रेरित किया। लेकिन इससे जुड़े अफसरों के तबादले होने से मामला अटक गया।
वीसी संतोष यादव ने बताया कि अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। गलियों और मकान नंबरों के जीपीएस से जुड़ जाने पर कार चालक शहर, मोहल्ले के साथ ही गली और मकान नंबर दर्ज करेंगे। उसका रोडमैप स्क्रीन पर आ जाएगा।
आईटी उपवन की स्थापना को मंजूरी
प्रदेश सरकार ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आईटी उपवन की स्थापना का फैसला किया है।
इसमें नए उद्यमियों को कार्य करने के लिए सपोर्ट व तमाम तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी स्थापना श्रीटान इंडिया साहिबाबाद गाजियाबाद के कैंपस में पीपीपी आधार पर की जाएगी।
फायदे की बात
डाक, पार्सल या जरूरी कागज समय पर घरप हुंचेंगे। बाहरी व्यक्ति हो या शहर का, घर ढूंढने के लिए खत्म होगा भटकाव।
जीपीएस से दुनिया के किसी भी कोने से संबंधित पते तक आसानी से पहुंचेंगे। गूगल अर्थ के जरिए आसानी से हो सकेगी पते की ट्रैकिंग।