अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की सबसे शक्तिशाली मानी जाने वाली स्थायी समिति के चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही भाजपा के भीतर अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समिति के 27 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए 21 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। भाजपा के पूर्ण बहुमत के कारण अध्यक्ष पद पर उसी का कब्जा तय माना जा रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर दावेदारों की बढ़ती संख्या ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
18 सदस्यीय स्थायी समिति में वर्तमान में भाजपा के 12 और आम आदमी पार्टी के छह सदस्य हैं। स्पष्ट बहुमत होने के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद भाजपा के खाते में जाने की संभावना है। ऐसे में पार्टी के कई वरिष्ठ पार्षद और नेता अपने-अपने स्तर पर संगठन और शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधने में जुट गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए करीब 6 भाजपाई नेता सक्रिय हैं। इनमें वर्तमान स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा एक बार फिर दावेदारी पेश कर रही हैं। इसके अलावा वरिष्ठ पार्षद सतपाल, पूर्व महापौर राजा इकबाल सिंह, हाल ही में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी से भाजपा में शामिल हुए हेमचंद्र गोयल, नेता सदन जय भगवान यादव और जूदा स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सभी दावेदार संगठन और वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। इस कारण नेताओं के आवासों और पार्टी कार्यालय में मुलाकातों का दौर भी तेज हो गया है। हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
स्थायी समिति को एमसीडी की सबसे प्रभावशाली समिति माना जाता है। एमसीडी के बड़े वित्तीय प्रस्तावों, विकास परियोजनाओं, ठेकों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों पर अंतिम मंजूरी इसी समिति के माध्यम से दी जाती है। यही कारण है कि इसके अध्यक्ष पद को एमसीडी की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण चुनाव से अधिक दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताता है। अब सभी की नजर 21 जुलाई तक होने वाले नामांकन और उसके बाद भाजपा की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि एमसीडी की सबसे शक्तिशाली समिति की कमान अगले कार्यकाल में किसके हाथों में होगी।