हर्ष मल्होत्रा ने सांसदों-विधायकों से लेकर बूथ कार्यकर्ताओं तक को काम सौंपा, पांच से 24 जून तक चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर प्रदेश भाजपा पार्टी आलाकमान ने बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक अभियान की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने इस अभियान की कमान खुद संभालते हुए सांसदों, विधायकों, पार्षदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पार्टी आलाकमान की ओर से तय कार्यक्रमों को पूरी ताकत और समन्वय के साथ सफल बनाया जाए।
प्रदेश भाजपा पांच से 24 जून तक 12 साल विश्वास, विकास और जनकल्याण के अभियान चलाएगी। इसे केवल उत्सव नहीं बल्कि भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के अभियान के रूप में देखा जा रहा है। मल्होत्रा ने पदभार संभालने के बाद बैठकों में जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। प्लान के मुताबिक राजधानी की सभी 70 विधानसभा सीटों, 256 मंडलों और हजारों बूथों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। पार्टी की रणनीति इस बार बड़े मंचीय आयोजनों के साथ-साथ माइक्रो आउटरीच पर केंद्रित रहेगी। झुग्गी-बस्तियों, पुनर्वास कॉलोनियों, अनधिकृत कॉलोनियों और बाहरी दिल्ली के इलाकों में लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कार्यकर्ता घर-घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क करेंगे।
पार्टी उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, पीएम आवास, मुद्रा योजना और महिला कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को अभियान का प्रमुख चेहरा बनाएगी। भाजपा इसे डिलीवरी मॉडल बनाम वादों की राजनीति के रूप में पेश करने की तैयारी में है। अभियान को दिल्ली के स्थानीय मुद्दों से भी जोड़ा जाएगा। अनधिकृत कॉलोनियों को मालिकाना हक, मेट्रो विस्तार, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं को प्रचार का हिस्सा बनाया जाएगा।
अभियान को हाईटेक स्वरूप देने के लिए जिला और मंडल स्तर पर सोशल मीडिया वॉर रूम भी तैयार किए जा रहे हैं। शॉर्ट वीडियो, रील्स और लाभार्थी आधारित कंटेंट के जरिए युवाओं और मध्यम वर्ग तक पहुंचने की रणनीति बनाई गई है। भाजपा आठ से 12 जून के बीच बड़े स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया संवाद कार्यक्रम भी आयोजित करेगी, जिसमें मोदी सरकार के 12 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा।