खाकी वर्दी में अगर अनुशासनहीनता का आरोप लगा तो उसका खामियाजा उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भुगतना पड़ सकता है। पुलिस आयुक्त ने आदेश जारी किया कि जिस भी पुलिस कर्मी की लापरवाही पायी जाएगी उससे संबधित अधिकारी को जवाब देना होगा।
चाहें वह भ्रष्टाचार का मामला हो या ड्यूटी के समय पार्टी मनाने का। सोहना थाने में हुई घटना के साथ ही सीआईए पालम विहार में एक गैंगस्टर के हिरासत में होने के दौरान पार्टी मना रहे लोगों के बाद अब उन्हें सबक सिखाया जाएगा। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार का मानना है कि यदि किसी थाने का कांस्टेबल अनुशासनहीनता के आरोप में पाया जाता है तो उसका सीधा जिम्मा थाना प्रभारी का होगा।
अब तक की छानबीन में देखा गया है कि थाना या पुलिस चौकी के साथ सीआईए यूनिट में क्या हो रहा है। इसकी जानकारी मौके के अधिकारी को होना चाहिए। पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारी व यूनिट प्रभारी को निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही अक्सर देखा गया है कि ड्यूटी के दौरान जनता के साथ उनके व्यवहार को लेकर शिकायत आती है। जिसे पहले नजर अंदाज किया जाता था। पुलिस आयुक्त के इस फरमान के बाद कमिश्ररी में खलबली है।
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: सीआईए पालम विहार की यूनिट में पुलिस कर्मी शराब पीते नजर आए। जबकि हवालात में गैंगस्टर रिमांड पर था।
: सोहना थाने में तैनात एसआई 10 हजार घूस लेते हुए गिरफ्तार हुआ।
: ट्रैफिक पुलिस के जवानों के साथ आम जनता से भिडने का विवाद।
: ट्रैफिक पुलिस की अनियमितता की अधिक शिकायत है।
पुलिस टीम की छवि को लेकर कोई बात सामने आती है तो गंभीर बात है। इसे देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपनी टीम के लोगों अनुशासन का पाठ पढ़ाने को कहा गया है।
-संदीप खिरवार, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम।