दिल्ली हाईकोर्ट ने सीपी शूट आउट मामले में दोषी पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त सत्यवीर सिंह राठी को परीक्षा के लिए तीन सप्ताह की पैरोल दे दी है। न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने तय अवधि के बाद जेल में समर्पण करने का निर्देश राठी को दिया।
साथ ही 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत मुचलका भरने व इतनी ही राशि की एक अन्य जमानत देने का कहा। अदालत ने राठी की सजा तीन सप्ताह के लिए निलंबित कर दी है।
राठी के अधिवक्ता ने तर्क रखा था कि उनका मुवक्किल ओपन यूनिवर्सिटी नगालैंड से फॉरेंसिक विज्ञान विषय में पोस्ट ग्रेजुएट (डिस्टेंस एजुकेशन) कर रहा है। 19 जून से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए उसे पैरोल दी जाए।
उन्होंने कहा इससे पहले भी उनके मुवक्किल को कई बार पैरोल मिली है और उसने कभी भी उसका नाजायज फायदा नहीं उठाया।
बता दें कि 31 मार्च 1997 को तत्कालीन एसीपी एसएस राठी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने दिनदहाड़े एक कार में बैठे लोगों पर गोलियां चला दी थीं।
इससे कार सवार हरियाणा के व्यवसायी प्रदीप गोयल व जगजीत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनका एक साथी बुरी तरह से घायल को गया था।
इस मामले में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने राठी व निरीक्षक अनिल कुमार सहित दस पुलिसकर्मियों की अपील खारिज करते हुए उन्हें मिली सजा बरकरार रखी थी।