एसिड हमले की शिकार दो बहनों ने इस प्रकार के मामलों में मुआवजे की सीमा तय करने संबंधी निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली राज्य विधिक सेवा आयोग व महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने सभी पक्षों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने उन्हें 14 फरवरी से पूर्व जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इन दोनों बहनों पर वर्ष 2009 में तेजाब से हमला किया गया था।
दोनों बहनें इस हमले से दृष्टिहीन हो गई हैं। उन्हें तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया गया था। दोनों ने डीएलएसए द्वारा तीन लाख रुपये प्रदान मुआवजे को बढ़ाने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने मुआवजा राशि की सीमा तय करने के निर्णय को भी खारिज करने का आग्रह किया है।