राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र की एक एसिड फैक्ट्री में बृहस्पतिवार दोपहर केमिकल टैंक फटने से एक कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गया। धमाके से वहां हड़कंप मच गया और फैक्ट्री में काम कर रहे करीब दर्जनभर कर्मचारियों ने बाहर भागकर जान बचाई।
घायल को गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल को रेफर किया गया है। शुरूआती जांच में माना जा रहा है कि लंबे अर्से से मेंटीनेंस नहीं होने के कारण टैंक फटा है।
यह भी पता चला कि फैक्ट्री मालिक से एसिड रखने का लाइसेंस और फायर एनओसी नहीं है। लाइसेंस नहीं मिलने पर विभाग फैक्ट्री को सील करेगा।
राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया के प्लाट संख्या 15/25 में ज्ञान सिंह एसिड फैक्ट्री चलाते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे फैक्ट्री में तेज धमाके के साथ ओपन स्पेस में रखा केमिकल टैंक फट गया।
इससे सभी कर्मचारी घबराकर बाहर भागे। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की खिड़की तथा दरवाजों के शीशे टूट गए और आसपास काला धुआं फैल गया। हादसे में टैंक के पास काम कर रहा कर्मचारी हरप्रीत बुरी तरह से झुलस गया।
अन्य कर्मचारी उसे नरेंद्र मोहन अस्पताल ले गए, जहां से उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर दमकल विभाग तथा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
एफएसओ अजय कुमार ने बताया कि एसिड टैंक फटने से धुआं उठ रहा था, जो जहरीला हो सकता था। इसे पानी डालकर बढ़ने से रोका गया। शुरूआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि टैंक में केमिकल जमा होने से अंदर का तापमान बढ़ गया था।
इस कारण उसमें गैस बन गई और प्रेशर बढ़ने से वह फट गया। बताया गया कि टैंक की सही समय पर मेंटीनेंस नहीं होने से यह हादसा हुआ है। इसकी जांच जारी है।
आग और एसिड से बचने के नहीं थे इंतजाम
एफएसओ ने बताया कि फैक्ट्री में आग एवं एसिड से बचने के कोई इंतजाम नहीं थे। फैक्ट्री के पास फायर एनओसी भी नहीं है और न ही तेजाब रखने का लाइसेंस मिला है।
फैक्ट्री मालिक को बुलाया गया, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस नहीं मिलने पर फैक्ट्री को सील किया जाएगा।
आसपास होते कर्मचारी तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिस स्थान पर एसिड टैंक रखा था उसके आसपास कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। हरप्रीत भी टैंक से कुछ दूरी पर था।
अन्य कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर बने कमरे में काम कर रहे थे। अगर आसपास कोई होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।