तुम हंसोगे तो सारी दुनिया तुम्हारे साथ हंसेगी, तुम रोओगे तो ये दुनिया और जोर से हंसेगी। इसीलिए मैंने दुनिया को अपने ऊपर हंसने का मौका नहीं दिया। यह कहना है तेजाब हमले का शिकार हुई फरीदाबाद की आरती पंचाल (नाम परिवर्तित) का। तीन साल पहले हुए तेजाब हमले की भयावह यादों को भूल चुकी आरती दृढ़ निश्चय के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर तेजाब पीड़िताओं के हित में काम करना चाहती है।
तब हाईस्कूल की छात्रा आरती 11 मार्च 2012 को साइंस का पेपर देकर खुशी-खुशी लौट रही थी। किसी ने पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखा, जैसे ही वह पलटी उसने तेजाब की बोतल उस पर उड़ेल दी। जलन और दर्द से छटपटाती आरती को जब होश आया तो वह अस्पताल मेें थी। उस दिन को याद करते हुए आरती के चेहरे पर कई भाव तो आते हैं लेकिन आत्मविश्वास से लबरेज आंखें उनके हौसलों को बयान करती हैं।