उबर कैब रेप केस मामले में आरोपी कैब चालक ने जेल वैन में मारपीट का आरोप लगाया है। कोर्ट ने आरोपी के आवेदन पर सुनवाई के बाद आरोपी को वैन में अन्य कैदियों से अलग रखने व सुरक्षा मुहैया करवाने का निर्देश शनिवार को दिया था।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बाड़ा हिंदू राव अस्पताल दो डॉक्टरों व एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत पांच गवाहों के बयान दर्ज करवाए। मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष सोमवार को आरोपी कैब चालक ने जेल वैन में मारपीट का आरोप लगाया। उसने कहा कि शनिवार को फिर से उससे मारपीट की गई और उसे वैन में पूरे रास्ते खड़ा रखा गया। कोर्ट ने बचाव पक्ष को इस बाबत आवेदन दायर करने के लिए कहा है। आरोपी ने शुक्रवार को भी मारपीट व धमकी देने का आरोप लगाया था।
गवाही में सामने आया ये सच
अभियोजन पक्ष ने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान दर्ज करवाए। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने इन गवाहों के बयान दर्ज करवाए और बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक द्विवेदी ने गवाहों से जिरह की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल करने वाले डॉक्टर जितेंद्र निगोटिया, पीड़िता की मेडिकल जांच पर राय देने वाली डॉक्टर कावेरी ने अपना बयान दर्ज कराए। डॉक्टर कावेरी ने अपने बयान में कहा कि पीड़िता के गले व छाती पर खरोंच के निशान थे।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक के पूछने पर डॉक्टर ने कहा पीड़िता के गले पर भी निशान थे, जिससे लगता था उसका गला दबाया गया है। डॉक्टर जितेंद्र ने कहा कि आरोपी के चेहरे पर खरोंच के निशान थे। ऐसे निशान नाखून से खुरचने से आ सकते हैं और यह निशान करीब दो दिन पुराने हो सकते थे। दुष्कर्म की मौका ए वारदात का नक्शा बनाने वाले इंस्पेक्टर महेश कुमार का बयान दर्ज कराया।
इसने दिया था मोबाइल और सिम
शेख सराय ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के यूडीसी ने आरोपी के लाइसेंस का रिकॉर्ड पेश कर अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष ने पिछली कंपनी ने आरोपी के सीनियर गौरव ठकराल ने भी अपना बयान दर्ज करवाया। उसने आरोपी के आग्रह पर उसे अपना मोबाइल व सिम इस्तेमाल करने के लिए दिया था।
पेश मामला इंद्रलोक इलाके के 56 बीघा पार्क के नजदीक पांच दिसंबर 2014 को कैब में दुष्कर्म से जुड़ा है। आरोपी दुष्कर्म के बाद पीड़िता को उसके घर के नजदीक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसे मथुरा से 7 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।
अदालत ने आरोपी शिव कुमार के खिलाफ 13 जनवरी को दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट व धमकी देने संबंधी धाराओं में आरोप तय किए थे। पुलिस ने 19 दिनों में जांच पूरी कर 24 दिसंबर 2014 को चार्जशीट पेश की थी।