डीएलएफ फेज-3 के विद्या स्कूल के टॉयलेट में तीसरी कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में भले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस मामले में स्कूल की खामी सामने आ रही है। पुलिस के मुताबिक टॉयलेट में महिला स्वीपर ही नहीं थी। यदि महिला स्वीपर होती तो इस तरह की घटना ही नहीं होती।
इस मामले में जिला प्रशासन और राज्य बाल संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है। बाल आयोग ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट तलब किया है। शनिवार को टीम दौरा कर सकती है। शुक्रवार को रामनवमी की छुट्टी स्कूल में घोषित कर दी गई है। स्कूल तीन अक्तूबर को खुलेगा।
भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युमन की हत्या के बाद निजी स्कूलों को एक लंबी चौड़ी गाइड लाइन जारी की गई थी, लेकिन यह महज दिखावा से आगे नहीं बढ़ पाया है। सभी स्कूलों के लिए शिक्षा निदेशालय और जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन स्कूलों में वास्तविक स्थिति जांचने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
केवल कागजों तक दिशा निर्देश सीमित है। मामले के दो दिन बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर जाकर वहां की व्यवस्था का जायजा नहीं लिया। यह मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन स्कूल की वास्तविक रिपोर्ट और वहां के कर्मचारियों का ब्यौरा तलब किया है।
जिला उपायुक्त विनय प्रताप का कहना है कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी। स्कूल की लापरवाही है तो स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल का कहना है कि आयोग की टीम भी स्कूल में जाकर मुआयना करेगी और वहां बच्चों की सुरक्षा व गाइडलाइन को चेक किया जाएगा। खामी रहने पर कार्रवाई भी होगी।