फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या पता था मौत आगोश में ले लेगी, तीनों अस्पताल में करते थे काम

Fri, 29 Sep 2017 10:49 PM IST
बयूरो/ अमर उजाला, एनसीआर
विज्ञापन
Road Accident
विज्ञापन
गुरुग्राम-अलवर रोड स्थित दोहा चौक पर एक स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर पुलिया से टकराकर गड्ढे में पलट गई। हादसे में कार सवार तीनों युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को अल-आफिया अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। 
विज्ञापन


गंडूरी निवासी नवेद (21), पाटूका निवासी शाकिर (20) और  मीरपुर (पलवल) निवासी नसीम (21) शुक्रवार दोपहर स्विफ्ट कार में सवार होकर राजस्थान के अलवर में कपड़े खरीदने के लिए जा रहे थे। जब वह हरियाणा-राजस्थान की सीमा पर स्थित दोहा चौक के पास पहुंचे तो इनकी कार अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई, जिससे कार गड्ढे में गिर गई।

हादसे में कार में फंसे तीनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तथा शवों को कार से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अल-आफिया अस्पताल भिजवाया।
विज्ञापन


पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारी एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि जिस स्विफ्ट कार में तीनों युवक सवार थे, वह बहुत तेजी से पुलिया से टकराकर गड्डों में जा गिरी। जिससे हादसे में तीनों युवकों की मौत हो गई। 

नसीम है अपने पिता का इकलौता बेटा
जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि पलवल जिला के हथीन थानांर्तगत गांव मीरपुर का नसीम अपने पिता रुकमुद्दीन का इकलौता बेटा था। इसकी शादी दो वर्ष पूर्व हुई थी। हादसे में मौत से नसीम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

क्या पता था मौत आगोश में ले लेगी
नवेद, शाकिर एवं नसीम तीनों खुशी-खुशी शादी के लिए कपड़े खरीदने के लिए अलवर जा रहे थे। शादी में अच्छे कपड़े पहनकर जाने की योजना थी लेकिन इन बेचारों को क्या पता था कि कपड़ों को खरीदने से पहले ही मौत इनको अपने आगोश में ले लेगी।

एक्सीडेंट में तीन मरे :-
नवेद के एक रिश्तेदार ने बताया कि चुंकि आज जुम्मा है। आज ही नवेद पुत्र इलियास की शादी की चिट्ठी आई थी। नवेद की शादी अपने मामा की लड़की से 12 नवंबर की तय हुई थी। नसीम पुत्र रुकमुद्दीन निवासी मीरपुर थाना हथीन नवेद के जीजा का भंाजा है। जबकि शाकिर पुत्र शब्बीर निवासी पाटुका इनका दोस्त है। ये तीनों एक प्राईवेट अस्पताल में जाब करते हैं।
विज्ञापन

नवेद की शादी की चिट्ठी आने की खुशी के बाद ये तीनों कपड़े खरीदने के लिए अलवर जा रहे थे। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें