डाबडी इलाके में रोहित नामक युवक ने उधार दिए पांच हजार रुपये वापस मांगे तो आरोपी पिंटू ने पैसे देने से मना कर दिया। साथ ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रोहित पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने व उसके साथियों ने रोहित पर फर्शा, चाकू और पेचकश से 30 से ज्यादा वार किए। कई चोटें ऐसी थी कि अगर थोड़ी से आगे-पीछे लगती तो उसकी मौत हो जाती। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पिंटू के दो साथियों मनीष और मोनू को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि महावीर एन्क्लेव, उत्तम नगर, दिल्ली निवासी पीड़ित रोहित ने बताया कि पिंटू नामक व्यक्ति ने उससे 7/8 महीने पहले 5000 रुपये उधार लिए थे। वह पैसे वापस नहीं कर रहा था। शिकायतकर्ता ने पिंटू से अपने पैसे वापस मांगे लेकिन पिंटू ने पैसे देने से इनकार कर दिया, इसलिए वे आपस में झगड़ने लगे। इस प्रकार पिंटू से दुश्मनी रखने लगा। बदला लेने के लिए, पिंटू ने अपने अन्य साथियों सोनू, मोनू, मनीष, अंकित के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने 23 जून, 24 को शाम चार बजे पिंटू के निर्देश पर, उसके उपरोक्त साथियों ने रोहित पर धारदार हथियारों यानी चाकू, स्क्रू ड्राइवर, बर्फ की चुभन और फर्शा आदि से बेरहमी से हमला किया। शिकायतकर्ता को कई बार घायल करने के बाद वे मौके से भाग गए। घायल रोहित को तुरंत इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल ले जाया गया। शिकायतकर्ता के सीने और गर्दन पर 25-30 वार किए गए।
डाबडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी मनीष और मोनू फरार थे। अपराध शाखा में तैनात एसीपी नरेश कुमार व इंस्पेक्टर गुलशन यादव के नेतृत्व में एसआई निरंजन, एसआई रंधावा, एएसआई महेश, एएसआई वीरेंद्र, एएसआई गोविंद, एएसआई हरि सिंह व हवलदार प्रशांत की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। एसआई रंधावा ने घेराबंदी की और मनीष और मोनू दोनों को गिरफ्तार किया है। दोनों की उम्र 22 वर्ष है। आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना पता बदल रहे थे।