अदालत ने 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी लेखाकार को जमानत दे दी है। लेखाकार पर अपने सह आरोपी की कंपनियों के लिए फर्जी बिल जारी करने का आरोप है जिससे टैक्स चोरी किया जा सके। पेशे से अकाउंटेंट आरोपी को एक अगस्त को आजादपुर इलाके से हिरासत में लिया गया था।
इस मामले में मुख्य आरोपी पर 19 मुखौटा कंपनियां खोल कर सरकार को 25 करोड़ का चूना लगाने का आरोप है।पटियाला हाउस अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी मनीष खुराना ने आरोपी विकास सिंह के वकील शैलेन्द्र कुमार गुप्ता की दलीलों पर सहमति जताते हुए 50 हजार के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है।
उसे जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति विदेश नहीं जाने की हिदायत दी है। जमानत याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता शैलेन्द्र गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल सिर्फ एक कर्मचारी है और उसका जीएसटी चोरी से कोई लेना देना नहीं है। वह केवल अपने नियोक्ता सब्बन व अन्य लोगों के निर्देश के मुताबिक बही खातों का हिसाब किताब रखता है।
उसके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते कहा की जांच एजेंसी ने दिल्ली के आजादपुर इलाके में एक इमारत में छापेमारी की थी। जहां से 19 फर्जी कंपनियों के दस्तावेज बरामद हुए थे जिनसे करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ था।