अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के सदन में बृहस्पतिवार को विपक्ष के हंगामे के बाद मानसून से पहले राजधानी में जलभराव और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान दोनों पक्षों में कई बार नोकझोंक हुई। पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव, नालों की सफाई, कूड़ा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। महापौर ने सभी सुझावों और शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।
स्वच्छता व्यवस्था और मानसून के दौरान संभावित जलभराव के मुद्दे उठाते हुए पार्षदों ने विभिन्न वार्डों में नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता जताई। इस दौरान सत्तापक्ष व विपक्ष के पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। इस बीच महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव और सफाई संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सदन में नागरिक हितों से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए।