हादसा उस वक्त हुआ जब आगरा की तरफ से पत्थर लेकर आ रहा ट्राला नोएडा की तरफ चढ़ने वाले रास्ते से उतरने के लिए एक्सप्रेसवे की आगरा से दिल्ली की तरफ आने वाली चारों लाइनों को घेरते वक्त मुड़ रहा था।
पीछे से श्रृद्धालुओं को लेकर आ रही बस का चालक जब तक कुछ समझ पाता तब तक टक्कर हो गई। दुर्घटना होते ही चालक ट्राला छोड़कर फरार हो गया। जेवर कोतवाली प्रभारी रामसेन सिंह उसी जगह पर गश्त कर रहे थे।
श्रद्धालुओं की चीखपुकार सुनते ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एक्सप्रेसवे की प्राइवेट सिक्योरिटी की मदद से कटर मंगाकर बस में फंसे सभी श्रद्धालुओं को बाहर निकाला और एंबुलेंस से उन्हें जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया।
हादसे में दयावती पत्नी देनी सिंह निवासी पांडव नगर दिल्ली, परिचालक गोल्डी निवासी शिकारपुर, चालक मतलूफ निवासी तावली मुजफ्फरनगर, रामगोपाल पुत्र शीशराम निवासी खोड़ा कालोनी, रामवीर पुत्र रामप्रसाद गणेशनगर दिल्ली, संजय गुप्ता पांडव नगर दिल्ली, संजय दिनेश नगर दिल्ली, अनिल गुप्ता गणेश नगर दिल्ली, सतीश व कान सिंह सहित लगभग डेढ़ दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए।
गंभीर रूप से घायलों को दिल्ली व नोएडा के अस्पताल में रेफर किया गया है। बस परिचालक गोल्डी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर ट्राला को अपने कब्जे में ले लिया है।