जानकारी के मुताबिक आहिल अपने पिता अब्दुल मजीद, मां, एक भाई और बहन के साथ जहांगीरपुरी सी ब्लॉक में रहता था। पास के ही एक स्कूल में वह छठी कक्षा में पढ़ता था। उसके परिचित अलाउद्दीन ने बताया कि हर साल गर्मी के दिनों में काफी संख्या में बच्चे इस नहर में नहाने के लिए आते हैं। दीवार और न ही सिक्योरिटी गार्ड मौजूद होने की वजह से बच्चों को रोकने वाला कोई नहीं है। जांच में पता चला कि इस नहर में नहाने के लिए जहांगीरपुरी से एक साथ 10 बच्चे आए थे। सभी बच्चे 10 से 14 वर्ष के थे। इनमें से आठ बच्चे समय रहते खुद ही पानी से बाहर आ गए। जबकि दो बच्चे डूबने लगे। एक बच्चे को एमसीडी कर्मचारी ने निकाल लिया, जबकि दूसरे बच्चे की मौत हो गई। करीब 60 फीट चौड़े व 10 फीट गहरे इस नाले में एसटीपी का साफ पानी आता है।
बच्चे के पिता अब्दुल माजिद ने बताया कि उनके बच्चे की जान विभागीय लापरवाही से गई है। पास में ही एसपीटी प्लांट परिसर में काफी संख्या में सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहते हैं, वहां घेराबंदी भी है। वहीं कुछ ही दूरी पर इस प्लांट का पानी जिस नहर में जाता है, वहां कोई भी सुरक्षा नहीं है। माजिद ने पुलिस से इस मामले में जांच कर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।