हार्ट सेंटर की कैथ लैब में एसीबी की छापेमारी
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बीके अस्पताल के तीसरी मंजिल पर पीपीपी मोड के तहत चल रहे हार्ट सेंटर की कैथ लैब में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने छापेमारी की। इस दौरान एंजो प्लास्टिक से संबंधित कई सामान को अपने कब्जे में लिया। टीम ने बताया कि उन्होंने केवल उपयोग किए हुए सामान को ही जब्त किया है। छापेमारी के दौरान कई डॉक्टर वा स्टाफ के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। वहीं, उपचाराधीन मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। केंद्र संचालकों ने अब गुरुवार से एंजियोप्लास्टी बंद रखने का फैसला किया है।
बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर पर बुधवार देर शाम को एसीबी की टीम ने छापेमारी कैथ लैब की जांच की। इस दौरान टीम ने काट लेब में इस्तेमाल किया हुआ सामान जबत किया और कर्मचारियों से पूछताछ की। हार्ट सेंटर में करीब छह मरीज भर्ती थे। उन सभी को छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा यदि कोई मरीज उपचार के लिए आ रहा था तो उसे भी वापस लौटा दिया। एसीबी की कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली। अधिकारियों का आप है कि टीम ने उनसे जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाने के बाद गिरफ्तार करने की धमकी दी।
मेडिट्रीना हॉस्पिटल ग्रुप के के निदेशक डॉ. एन. प्रताप कुमार का कहना है कि इस माहौल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना असंभव है। टीम सभी उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। इनके बिना एंजियोप्लास्टी कर पाना संभव नहीं है। फरीदाबाद के गुरुग्राम, अंबाला एवं पंचकूला में चल रहे हार्ट सेंटर को भी बंद करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मान सिंह पर आयुष्मान में गड़बड़ी करने और फर्जी दस्तावेज का उपयोग करने का आरोप है। इसके चलते वह 19 दिन जेल में भी रहकर आया था। उनके उत्तर भारत के कारपोरेट हेड दिलीप नायर को भी धमकाया है। एसीबी इंचार्ज संतराम ने कहा, 'हम केवल उपयोग किया हुआ सामान लेकर जा रहे हैं और किसी को डराया धमकाया नहीं है।'