एसीबी ने किया फोन नंबर की जांच
एसीबी ने दोनों निजी प्रयोगशालाओं में आए मरीजों के सैंपल पर लिखे मोबाइल नंबरों में से कुछ नंबरों को चुना। फिर उन नंबर पर कॉल कर टेली-सत्यापन किया। इसमें पता चला कि बड़ी संख्या में मरीज परीक्षण करवाने नहीं आए। कई नंबर बंद मिले। कई अमान्य और काफी नंबर मरीजों से संबंधित नहीं थे। मरीजों की जांच से पता चला कि वे कभी भी मोहल्ला क्लिनिक में नहीं गए और न ही कोई जांच कराई।
बड़े स्तर पर की गई हेराफैरी
जांच में पता चला कि तथ्यों को छुपाने के लिए मरीजों के मोबाइल नंबर के नाम वाली लैब प्रबंधन सूचना प्रणाली (एलआईएमएस) भी विकसित की गई। इसे संचालित कर सुविधाजनक रूप से हेरफेर की कोशिश की गई। जांच में पाया गया है कि दो निजी विक्रेताओं के पास डेटा और सिस्टम सॉफ्टवेयर पर पूर्ण नियंत्रण था। इसकी मदद से डेटा में हेरफेर की आशंका है। इसे लेकर आउटसोर्स किए गए लैब विक्रेताओं द्वारा इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच में यह मिला आंकड़ा
एगिलस डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (फरवरी 2023 से नवंबर 2023)
- बिना फोन नंबर के जांच - 12457 टेस्ट
- 0 मोबाइल नंबर के साथ जांच - 25732 टेस्ट
- 1,2,3,4,5 से नंबर से जांच - 913 टेस्ट
- एक नंबर को 80 बार इस्तेमाल - 2467 टेस्ट
मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर (फरवरी 2023 से दिसंबर 2023)
- मोबाइल नंबर 9999999999 पर जांच - 6121 टेस्ट (फर्जी नंबर)
- 9821749455 नंबर पर जांच - 2399 टेस्ट (नहीं करवाया कोई जांच)
- 11350 मोबाइल नंबर से जांच - 130 से अधिक बार
तेज होगी राजनीति
मोहल्ला क्लीनिक को लेकर दिल्ली में आने वाले दिनों में राजनीति तेज होगी। दिल्ली सरकार ने इसे विशेष तौर पर तैयार किया है। साथ ही चुनाव में इसका प्रचार भी किया। वहीं जांच के बाद आए तथ्यों को लेकर भाजपा भी इसे लेकर सरकार पर हमलावर है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसे लेकर राजनीति तेज हो सकती है।