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Mohalla Clinic Scam: 65 हजार 'घोस्ट' मरीजों की हुई जांच, सिर्फ कागजों में दर्ज; दो लैब्स की सांठगांठ

Sat, 03 Feb 2024 07:54 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मोहल्ला क्लीनिक में फर्जी टेस्ट मामले में एसीबी के प्रारंभिक जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। इसमें दो निजी डायग्नोस्टिक लैब की सांठगांठ का पता चला है। जिसमें 65 हजार फर्जी मरीजों की जांच हुई है।
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मोहल्ला क्लीनिक में घोटाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रारंभिक जांच में मोहल्ला क्लीनिक में टेस्ट करवाने आए 65 हजार से अधिक मरीज फर्जी पाए गए हैं। इस जांच के लिए दो निजी डायग्नोस्टिक लैब की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

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अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक में हुए परीक्षण को लेकर एसीबी जांच कर रही है। इसकी प्रारंभिक जांच में दो निजी डायग्नोस्टिक लैब की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इनमें एगिलस डायग्नोस्टिक और मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर शामिल है। 

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फरवरी 2023 से दिसंबर 2023 के दौरान दोनों निजी प्रयोगशालाओं में करीब 22 लाख परीक्षण किए गए। इसके बदले दिल्ली सरकार ने 4.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इन जांच में 65 हजार से अधिक परीक्षण फर्जी पाए गए हैं। इन प्रत्येक परीक्षण को करने में 100 से 300 रुपये का खर्च आया है।
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एसीबी ने जांच के दौरान पाया कि परीक्षण के दौरान जिन मरीज के फोन नंबर दिए गए हैं। उनपर कॉल करने से चौकाने वाले तथ्य मिले। काफी लोगों ने बताया कि वह कभी जांच करवाने भी नहीं गए। साथ ही यह भी पता चला कि 63 फीसदी ने न तो कोई परीक्षण करवाया था, न ही किसी मोहल्ला क्लीनिक में जांच करवाने गए।

एसीबी ने किया फोन नंबर की जांच
एसीबी ने दोनों निजी प्रयोगशालाओं में आए मरीजों के सैंपल पर लिखे मोबाइल नंबरों में से कुछ नंबरों को चुना। फिर उन नंबर पर कॉल कर टेली-सत्यापन किया। इसमें पता चला कि बड़ी संख्या में मरीज परीक्षण करवाने नहीं आए। कई नंबर बंद मिले। कई अमान्य और काफी नंबर मरीजों से संबंधित नहीं थे। मरीजों की जांच से पता चला कि वे कभी भी मोहल्ला क्लिनिक में नहीं गए और न ही कोई जांच कराई।

बड़े स्तर पर की गई हेराफैरी
जांच में पता चला कि तथ्यों को छुपाने के लिए मरीजों के मोबाइल नंबर के नाम वाली लैब प्रबंधन सूचना प्रणाली (एलआईएमएस) भी विकसित की गई। इसे संचालित कर सुविधाजनक रूप से हेरफेर की कोशिश की गई। जांच में पाया गया है कि दो निजी विक्रेताओं के पास डेटा और सिस्टम सॉफ्टवेयर पर पूर्ण नियंत्रण था। इसकी मदद से डेटा में हेरफेर की आशंका है। इसे लेकर आउटसोर्स किए गए लैब विक्रेताओं द्वारा इनकार नहीं किया जा सकता।

जांच में यह मिला आंकड़ा
एगिलस डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (फरवरी 2023 से नवंबर 2023)
- बिना फोन नंबर के जांच - 12457 टेस्ट
- 0 मोबाइल नंबर के साथ जांच - 25732 टेस्ट
- 1,2,3,4,5 से नंबर से जांच - 913 टेस्ट
- एक नंबर को 80 बार इस्तेमाल - 2467 टेस्ट

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर (फरवरी 2023 से दिसंबर 2023)
- मोबाइल नंबर 9999999999 पर जांच - 6121 टेस्ट (फर्जी नंबर)
- 9821749455 नंबर पर जांच - 2399 टेस्ट (नहीं करवाया कोई जांच)
- 11350 मोबाइल नंबर से जांच - 130 से अधिक बार
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तेज होगी राजनीति
मोहल्ला क्लीनिक को लेकर दिल्ली में आने वाले दिनों में राजनीति तेज होगी। दिल्ली सरकार ने इसे विशेष तौर पर तैयार किया है। साथ ही चुनाव में इसका प्रचार भी किया। वहीं जांच के बाद आए तथ्यों को लेकर भाजपा भी इसे लेकर सरकार पर हमलावर है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसे लेकर राजनीति तेज हो सकती है।
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