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एसीबी ने दर्ज की शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर

Tue, 21 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सोमवार को पानी टैंकर के तथाकथित घोटाले में एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में भ्रष्टाचार निरोधक कानून और आईपीसी की धाराएं शामिल हैं।
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एसीबी अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर में कपिल मिश्रा की तरफ से कमेटी रिपोर्ट के हवाले से मिली शिकायत और नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता की तरफ से जांच रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं करने की शिकायत को शामिल किया गया है।

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछताछ हो सकती है।

शीला दीक्षित सरकार के समय घोटाला हुआ

केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
एसीबी मुखिया मुकेश मीणा ने बताया है कि एक शिकायत मंत्री कपिल मिश्रा की तरफ से मिली थी जिसमें कमेटी ने पाया था कि शीला दीक्षित सरकार के समय घोटाला हुआ।

दूसरी शिकायत विजेन्द्र गुप्ता की तरफ से मिली जिसमें कहा गया कि रिपोर्ट में घोटाला सामने आने के बावजूद अनुबंध खत्म नहीं किया गया और सरकार फाइल दबाकर बैठी रही।

एफआईआर वर्तमान और पूर्व सरकार के खिलाफ है। बाकी देखते हैं कि जांच के दौरान क्या निकलता है। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने जून, 2015 में एक पांच सदस्यीय कमेटी पानी टैंकर का कांट्रैक्ट देने में धांधली की जांच पर कमेटी बनाई। कमेटी ने अगस्त, 2015 में रिपोर्ट दी।
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उपराज्यपाल ने एसीबी को सौंप दी थी जांच

नजीब जंग
रिपोर्ट में यह बात कहीं गई कि शीला दीक्षित के जल बोर्ड अध्यक्ष रहते दिए गए कांट्रैक्ट से सरकार को करीब 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कपिल मिश्रा ने आगे कार्रवाई की बात कही। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

जून के पहले पखवाड़े में हुए विस सत्र नेता प्रतिपक्ष ने जांच का मुद्दा उठाया तो सरकार ने रिपोर्ट उपराज्यपाल नजीब जंग को एसीबी में जांच के लिए भेज दिया।

उपराज्यपाल ने कार्रवाई के लिए एसीबी को भेज दी। उसी पर अब एफआईआर दर्ज की गई है।
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