दिल्ली सरकार के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को नोटिस नहीं पत्र भेजा गया है। एसीबी ने जिस तरह से उनके पास नोटिस भेजा था, वैसा शीला दीक्षित को नोटिस नहीं भेजा।
उन्होंने एसीबी प्रमुख और भाजपा से शीला दीक्षित के संबंध में कई सवाल पूछे। कपिल मिश्रा ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि टैंकर घोटाले के संबंध में शिकायतकर्ता होने के बावजूद एसीबी ने उनसे पूछताछ के लिए कानून के तहत नोटिस जारी किया था।
जिसमें एसीबी में पेश होने के लिए तिथि, समय और स्थान का जिक्र था। लेकिन शीला दीक्षित को भेजे के नोटिस में न तो कानून की किसी भी धारा का हवाला दिया गया है और न ही उसमें पूछताछ के लिए तिथि, समय और स्थान बताया गया है।
उनसे तिथि, समय और स्थान के बारे में बताने का आग्रह किया है, जबकि शीला दीक्षित के खिलाफ दो साल पांच पहले मीटर खरीदने के मामले में एफआईआर दर्ज है। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित को भेजे गए नोटिस को देखकर दो बातें सामने आ रही हैं।