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पकड़ा गया मंडी का रिश्वतखोर अफसर: मार्केट कमेटी के नीलामी अभिलेखक सतीश गिफ्तार, 1.30 लाख रुपये ले रहे थे घूस

Mon, 14 Jul 2025 06:39 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

फरीदाबाद विजिलेंस ने पलवल के नीलामी अभिलेखक सतीश कुमार को 1.30 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। पहले भी 2023 में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हो चुका था। आरोपी ने दुकान ट्रांसफर के लिए रिश्वत मांगी और दलित एक्ट में फंसाने की धमकी दी थी।
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एसीबी ने किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फरीदाबाद विजिलेंस टीम ने सोमवार को मार्केट कमेटी पलवल के नीलामी अभिलेखक सतीश कुमार को 1 लाख 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी को शिकायतकर्ता के घर, प्रेम विहार के पास से पकड़ा गया। सतीश कुमार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को भी विजिलेंस ने उसे होडल अनाज मंडी में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

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शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी ताईजी के नाम से पलवल की नई सब्जी मंडी में दो दुकानें थी, जिनका ट्रांसफर पोते के नाम करवाने के लिए उन्होंने मार्केट कमेटी में आवेदन दिया था। इस प्रक्रिया के लिए आरोपी सतीश ने पहले 50 हजार रुपये रिश्वत ले ली थी और सर्टिफिकेट तैयार हो जाने के बाद 60 हजार और मांगे। इतना ही नहीं, उसने धमकी दी कि 1 लाख रुपये मार्केट कमेटी के सचिव को देने हैं, वरना सर्टिफिकेट जारी नहीं होंगे और दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

बार-बार निवेदन करने के बाद आरोपी 1.30 लाख रुपये में राजी हुआ। शिकायतकर्ता की सूचना पर विजिलेंस ने सटीक कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पहले भी इसी तरह पकड़ा गया था सतीश
सतीश कुमार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को भी विजिलेंस ने उसे होडल अनाज मंडी में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, तब किसान महेंद्र ने शिकायत की थी कि उसके भाई की खेत में ट्यूबवेल के पानी में डूबने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत पांच लाख रुपये की मदद के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन विभागीय अफसरों ने इसे आत्महत्या बता कर आवेदन खारिज कर दिया। 

अपील के बाद जब दोबारा जांच शुरू हुई, तो ऑक्शन रिकॉर्डर सतीश ने सहायता राशि पास करने के बदले 50 हजार की रिश्वत मांगी। महेंद्र ने पहले 27 और फिर 23 हजार रुपये दे दिए, लेकिन जब सतीश बार-बार पैसे मांगता रहा, तो उसने विजिलेंस को सूचना दे दी। टीम ने हसनपुर चौक के पास से सतीश को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था।

देता था दलित एक्ट में फंसाने की धमकी
पिछली गिरफ्तारी के दौरान मंडी के व्यापारियों ने बताया था कि सतीश के खिलाफ कई बार शिकायत करने की कोशिश की गई, लेकिन वह शिकायत करने वालों को दलित एक्ट में फंसाने की धमकी देकर चुप करवा देता था।

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