अदालत ने दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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बुलंदशहर जिले के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में फरवरी 2020 में महिला को तमंचे के बल पर खेत में ले जाकर दो आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। दोनों आरोपियों को एडीजे एफटीसी तृतीय शिवानंद के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही दोनों को 20-20 वर्ष का कारावास और 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्तों ने पीड़िता की अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी भी दी थी।
अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले पीड़ित महिला ने बताया था कि 18 फरवरी 2020 को वह अपने ट्यूबवेल पर बनी बुर्जी से भूसा लेने गई थी। पीछे से गांव के ही आरोपी मोनू सिंह व पिंटू भी वहां पहुंच गए। आरोपियों ने उस दौरान पीड़िता की कनपटी पर तमंचा रखा और पास के ही एक ईंख के खेत में ले गए। खेत में आरोपियों ने पीड़िता के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने उस दौरान सामूहिक दुष्कर्म की वीडियो भी बना ली थी। आरोपियों ने पीड़िता को वह वीडियो दिखाई और कहा कि किसी को बताया तो या फिर दोबारा बुलाने पर नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दूंगा। दो दिन तक तो पीड़िता चुप रही, लेकिन आरोपियों ने मिलने का दबाव बनाया। इस पर पीड़िता ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दे दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से मामले की शिकायत की।
शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में न्यायालय के आदेश पर ही थाना पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियेां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच पूरी कर दोनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
पुलिस ने नहीं की थी रिपोर्ट दर्ज, न्यायलय के आदेश पर हुआ था मुकदमा
पीड़िता ने बताया था कि उसके साथ 18 फरवरी 2020 को वारदात को आरोपियों ने अंजाम दिया था। बाद में इस प्रकरण में पीड़िता ने 20 फरवरी को थाना पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 26 फरवरी को एसएसपी से शिकायत की, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने छह मार्च को डाक के माध्यम से न्यायालय से गुहार लगाई थी।